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जैसलमेर में भविष्य के योद्धाओं का हुआ निर्माण: 382 एनसीसी कैडेट्स ने सीखा नेतृत्व, अनुशासन और आधुनिक युद्धकौशल – Jaisalmer News

जैसलमेर में भविष्य के योद्धाओं का हुआ निर्माण:  382 एनसीसी कैडेट्स ने सीखा नेतृत्व, अनुशासन और आधुनिक युद्धकौशल – Jaisalmer News


भारतीय सेना की प्रसिद्ध बैटल एक्स डिवीजन ने देश के युवाओं में सैन्य भावना, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से जैसलमेर में विशेष एनसीसी अटैचमेंट कैंप आयोजित किया। “शेपिंग टुमॉरोज वॉरियर्स (भविष्य के योद्धाओं का निर्माण)” थीम प

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जैसलमेर, अलवर, उदयपुर और निवाड़ू में आयोजित हुए इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ भारतीय सेना के पारंपरिक मूल्यों से जोड़ना था।

कैंप के दौरान कैडेट्स को शारीरिक प्रशिक्षण (Physical Training), हथियार संचालन (Weapon Handling), ड्रिल, और नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) के विभिन्न सत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। सेना के प्रशिक्षकों ने बताया कि यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और अनुशासन की भावना विकसित करने के लिए भी आयोजित किया गया था।

“शेपिंग टुमॉरोज वॉरियर्स ” थीम पर आधारित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 382 एनसीसी कैडेट्स ने हिस्सा लिया।

सैन्य शाखाओं का प्रत्यक्ष अनुभव

कैंप के दौरान कैडेट्स को भारतीय सेना की चार प्रमुख शाखाओं —

  • पैदल सेना (Infantry), तोपखाना (Artillery), अभियंता दल (Engineers) और आर्मर्ड कोर (Armoured Corps) की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया।
  • पैदल सेना सत्र में उन्हें दुर्गम इलाकों में युद्धक रणनीति और फील्ड मूवमेंट्स की जानकारी दी गई।
  • तोपखाना सत्र में फायर पावर, गन पोजिशनिंग और लक्ष्य निर्धारण की तकनीक सिखाई गई।
  • अभियंता दल के प्रशिक्षण में पुल निर्माण, विस्फोटक नियंत्रण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कौशल सिखाए गए।
  • वहीं आर्मर्ड कोर में कैडेट्स को टैंक संचालन और आधुनिक युद्ध तकनीकों से परिचित कराया गया।

नेतृत्व और टीम भावना का विकास

कैंप में नेतृत्व क्षमता को निखारने के लिए टीम टास्क, मिशन सिमुलेशन, समूह चर्चा और नेतृत्व अभ्यास जैसे सत्र भी आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से कैडेट्स ने सीखा कि कठिन परिस्थितियों में निर्णय कैसे लिया जाए, टीम को प्रेरित कैसे किया जाए और सामूहिक जिम्मेदारी कैसे निभाई जाए।

वहीं आर्मर्ड कोर में कैडेट्स को टैंक संचालन और आधुनिक युद्ध तकनीकों से परिचित कराया गया।

वहीं आर्मर्ड कोर में कैडेट्स को टैंक संचालन और आधुनिक युद्ध तकनीकों से परिचित कराया गया।

कैडेट्स में उमड़ी देशभक्ति की नई ऊर्जा

कई कैडेट्स ने इस प्रशिक्षण को अपने जीवन का प्रेरणादायी अनुभव बताया। उनका कहना था कि इसने उनमें भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने की नई ऊर्जा और देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया है।

सेना के अधिकारियों का दृष्टिकोण

बैटल एक्स डिवीजन के अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कैंप न केवल कैडेट्स को सैन्य जीवन की झलक देते हैं, बल्कि उन्हें अनुशासन, जिम्मेदारी और नेतृत्व के गुण भी सिखाते हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना भविष्य के योद्धाओं को तैयार करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करती रहेगी।

इन प्रशिक्षण सत्रों ने कैडेट्स को न केवल सैन्य दृष्टि से सशक्त बनाया, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व की गुणवत्ता भी विकसित की- जिससे वे भविष्य में राष्ट्र की सेवा के लिए सदैव तैयार रहेंगे।

अभियंता दल के प्रशिक्षण में पुल निर्माण, विस्फोटक नियंत्रण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कौशल सिखाए गए।

अभियंता दल के प्रशिक्षण में पुल निर्माण, विस्फोटक नियंत्रण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कौशल सिखाए गए।



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