पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक रेप केस में आरोपी युवक को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि पीड़िता की गवाही भरोसे लायक नहीं है और जिस तरह की घटना की कहानी उसने बताई है, वह तर्क और व्यवहार के हिसाब से सही नहीं बैठती।
.
पीड़िता ने दावा किया था कि आरोपी ने एक हाथ में पिस्तौल और दूसरे में मोबाइल लेकर उसके साथ जबरन रेप किया और उस दौरान वीडियो भी बनाई। हाईकोर्ट ने इस दावे को असंभव बताया है।
यह मामला अमृतसर का है, जहां पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। आरोपी पर यह आरोप लगाया गया था कि वह उसे होटल ले गया, जहां पिस्तौल की धमकी देकर रेप किया और वीडियो बना ली।
ट्रायल कोर्ट ने सबूतों और गवाही के आधार पर आरोपी को बरी कर दिया था। अब हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है।
प्रतिकात्मक।
अदालत के फैसलों में क्या है, सिलसिलेवार पढ़िए..
- एक ही समय में किसी व्यक्ति के लिए यह संभव नहीं: अदालत ने अपने फैसले में कहा कि एक ही समय में किसी व्यक्ति के लिए यह संभव नहीं है कि वह एक हाथ से पिस्तौल दिखाए, दूसरे से मोबाइल से वीडियो बनाए और साथ ही रेप जैसी गंभीर हरकत करे। अदालत ने साफ कहा कि यह बात समझ से परे है और इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
- पीड़िता ने अपने बयान कई बार बदले: अदालत ने यह भी कहा कि पीड़िता ने अपने बयान कई बार बदले, जिससे उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। अदालत के अनुसार, अगर किसी महिला के साथ जबरदस्ती हुई है, तो उसके बयान में साफ-साफ और स्थायी बातें होनी चाहिए, जबकि इस केस में बार-बार बदलाव देखने को मिले।
केस का पूरा घटनाक्रम यह घटना अप्रैल 2022 की बताई जा रही है। पीड़िता का आरोप था कि युवक उसे बहला-फुसलाकर होटल में ले गया और वहां जबरन रेप किया। इसके बाद उसने वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी। महिला का कहना था कि जब वह गर्भवती हुई तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया। इन तमाम आरोपों की जांच के बाद कोर्ट ने पाया कि पीड़िता के दावों में दम नहीं है।
