मृतक संदीप के घर सन्नाटा छाया हुआ है।
हरियाणा के जींद में ASI संदीप की आत्महत्या की सूचना मिलते ही परिवार में फैल गया। परिवार के लोगों ने संदीप का अंतिम संस्कार करने के लिए मना कर दिया है। संदीप के पिता भी पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे।
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करीब 20 साल पहले एक रेल दुर्घटना में उनका निधन हो गया था। परिजनों का कहना है कि दादा भरत सिंह फौजी थे, उन्हीं से प्रेरणा लेकर संदीप ने पुलिस की नौकरी ज्वाइन की थी। संदीप करीब 5 साल पहले परिवार के साथ रोहतक चला गया था।
संदीप के चचेरे भाई शीशपाल ने कहा कि पहले परिवार के लोग इकट्ठा होंगे, इसके बाद ही अंतिम संस्कार पर फैसला लिया जाएगा।
चचेरे भाई बोले- अंतिम संस्कार फैसला बाद में लेंगे संदीप मूल रूप से जींद जुलाना के वार्ड-4 निवासी जुलाना के रहने वाले थे। उनके चाचा के लड़के शीशपाल आर्य ने कहा कि कल सभी लोग इक्कठा होंगे। परिवार आगे का फैसला लेगा इसके बाद ही संदीप का अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संदीप के पिता दयानंद पुलिस में इंस्पेक्टर के पद से रिटायर थे। रेल में सफर करते समय फिसलकर नीचे गिर जाने से उनकी मौत हो गई थी। बड़ी बेटी कर रही नीट की तैयारी शीशपाल ने बताया कि संदीप के 3 बच्चे हैं। बड़ी लड़की नीट की तैयारी कर रही है और छोटी लड़की नौंवी कक्षा में पढ़ रही हैं। लड़का फोर्थ क्लास में पढ़ाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि संदीप अपनी युवा अवस्था से ही समाजसेवा कर रहा है। युवा अवस्था में वह युवा क्लब का प्रधान रहा। रक्तदान शिविर और पौधारोपण में बढ़ चढ़ कर भाग लेता था। 30-35 बार संदीप ने पौधारोपण किया है। जुलाना का मकान किराए पर दिया शीशपाल ने बताया कि संदीप ने जुलाना वाला अपना मकान किराए पर दिया हुआ है। मकान में नीचे किराएदार रहते हैं, जबकि ऊपर के कमरे उन्होंने अपने पास ही रखे हैं। वहां अपना घर का सामान रखते थे। शीशपाल के अनुसार, संदीप 10-15 दिन में एक बार जुलाना आते रहते थे।
