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हरियाणा में दो और प्राइवेट अस्पताल इमपेनल्ड: अब 12 हो गई संख्या; कर्मचारी, पेंशनरों को मिलेगा फ्री इलाज, एंबुलेंस, ICU, बर्न यूनिट का लाभ मिलेगा – Haryana News

हरियाणा में दो और प्राइवेट अस्पताल इमपेनल्ड:  अब 12 हो गई संख्या; कर्मचारी, पेंशनरों को मिलेगा फ्री इलाज, एंबुलेंस, ICU, बर्न यूनिट का लाभ मिलेगा – Haryana News

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों के इलाज के लिए काफी सुविधाएं दे रही है। सरकारी अस्पतालों के अलावा कई प्राइवेट अस्पतालों को भी इमपेनल्ड किया है ताकि वे अपनी सुविधा के अनुस

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कर्मचारियों की मांग पर प्रदेश सरकार ने कई प्राइवेट आयुष अस्पतालों को भी इमपेनल्ड किया है। इस दिशा में कदम उठाते हुए विभाग ने दो और आयुष अस्पतालों को इमपेनल्ड कर दिया है जिससे संख्या बढ़कर अब करीब एक दर्जन हो गई है।

ये अस्पताल हुए इमपेनल्ड

हरियाणा की सेहत मंत्री ने बताया कि सरकार की ओर से झज्जर जिला में आयुष अस्पताल “संस्कारम हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर” , खेड़ी तालुका , पटौदा तथा हिसार जिला के बरवाला में स्थित “वेदा मृता हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड” को इमपेनल्ड किया है।

हरियाणा के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स तथा उनके आश्रित अब इन प्राइवेट आयुष अस्पतालों में भी इलाज करवा सकेंगे। सरकार द्वारा निर्धारित बीमारियों की जांच एवं इलाज करवा कर इन अस्पतालों के मेडिकल बिल पास करवा सकेंगे।

ये सुविधाएं मिलेंगी

हरियाणा आयुष निदेशालय की ओर से बताया गया कि इन इमपेनल्ड प्राइवेट आयुष अस्पताल के स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। नोडल अधिकारी किसी भी शिकायत के मामले में आयुष विभाग से संपर्क करेगा।

उन्होंने इमपेनल्ड अस्पतालों की शर्तों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी अस्पतालों में किसी भी आपात स्थिति, आपदा, मरीजों की अधिकता की स्थिति में इमपेनल्ड अस्पताल आवश्यकतानुसार अपनी एम्बुलेंस, आईसीयू, बर्न यूनिट, वार्ड बेड आदि साझा करने के लिए सहमत होंगे।

तीन सालों तक रहेंगे इमपेनल्ड

​​​​​​​प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी सभी वैधानिक नियमों, दिशा निर्देशों, अधिनियमों, अधिसूचनाओं का इमपेनल्ड प्राइवेट आयुष अस्पताल द्वारा पालन किया जाएगा। उपर्युक्त एनएबीएच मान्यता प्राप्त आयुर्वेदिक अस्पताल मान्यता प्रमाणपत्र की वैधता के अधीन तीन वर्षों की अवधि के लिए इमपेनल्ड रहेगा। इसके बाद, अस्पताल को नए सिरे से आवेदन करना होगा।



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