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पूर्व मंत्रीजी ने ‘प्रत्याशी’ के हाथ से छीना चाकू: पूर्व CM को याद आए भैरों सिंह; ट्रैफिक पुलिस अफसर का ‘मस्त’ अंदाज – Rajasthan News

पूर्व मंत्रीजी ने ‘प्रत्याशी’ के हाथ से छीना चाकू:  पूर्व CM को याद आए भैरों सिंह; ट्रैफिक पुलिस अफसर का ‘मस्त’ अंदाज – Rajasthan News


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पूर्व मुख्यमंत्री जी को गाहे-बगाहे भैरों सिंह शेखावत जी की याद आ जाती है। उनसे जुड़ा किस्सा वे अक्सर सुनाते हैं। अंता से निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें काफी ड्रामेबाजी दिखी। ट्रैफिक पुलिस के खास अधिकारी जिनका नाम ‘पीके मस्त’ हैं। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में…

1. भैरों सिंह शेखावत वाला किस्सा ‘अपनों’ को सुनाने के लिए तो नहीं था?

पूर्व मुख्यमंत्रीजी को भूतपूर्व भूतपूर्व उपराष्ट्रपति जी की याद आ ही जाती है। ऐसा अक्सर होता है। नेताओं की ‘याद’ के मायने भी सियासी होते हैं।

एक सभा में केंद्रीय मंत्रीजी ने कह दिया था कि पूर्व सीएम वाली पार्टी 30 साल तक शासन में नहीं आएगी। दावा हवा-हवाई था। राजस्थान में हर 5 साल में वे लौट आते हैं।

लेकिन केंद्रीय मंत्रीजी की बात का जवाब देने के लिए उन्होंने भूतपूर्व मुख्यमंत्रीजी को याद किया।

उन्होंने किस्सा सुनाना शुरू किया। कहा- भैरों सिंह जी ने एक बार कहा था। मेरे जीते जी कांग्रेस सत्ता में नहीं आएगी। मैं तब प्रदेश अध्यक्ष था। मैंने कहा, ईश्वर आपको लंबी आयु दे।

और ईश्वर ने उन्हें लंबी आयु दी। उनके सामने ही हम सत्ता में आए। आए तो ऐसे आए कि मैं प्रदेश अध्यक्ष से सीधे सीएम भी बन गया।

अब पाठक याद करें-पायलटजी की मौजूदगी में कांग्रेस के नेतागण ने ही चुटकी लेकर कहा था कि कांग्रेस ने सिर्फ शिवचरण माथुर के राज में ही सरकार रिपीट की थी।

कहीं गहलोत साहब का भैरों सिंह शेखावत वाला किस्सा ‘अपनों’ को सुनाने के लिए तो नहीं था?

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भैरों सिंह शेखावत को याद करते हुए किस्सा सुनाया।

2. नरेश मीणा ने ऐसे बनाया माहौल

युवा नेताजी फुल जोश में हैं। अंता से निर्दलीय मैदान में हैं। हवाबाजी में उनकी टक्कर में कोई नहीं। जहां मौजूद होते हैं, वहां कोई न कोई अप्रत्याशित घटनाक्रम हो ही जाता है।

अंता से पर्चा भरने से 2 महीने पहले उन्होंने बारां के प्रताप चौक पर कुछ ऐसा कर दिया कि लोग सकते में आ गए।

नेताजी को शहीद भगत सिंह की तस्वीर को तिलक लगाना था। वे कहते तो रोली का इंतजाम 5 मिनट में हो सकता था। लेकिन उन्होंने रोली या सिंदूर के लिए वेट नहीं किया।

अपनी जेब से चाकू निकाला और जनता को दिखाकर हथेली पर मार लिया। कहा-ऐसे वीरों का खून से तिलक किया जाना चाहिए।

माहौल तो सही बन रहा था लेकिन पास खड़े पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा चौकन्ने थे। जैसे ही मीणाजी ने चाकू हाथ पर मारा गुढ़ाजी झपटे। चाकू छीनने लगे। हालांकि ऐसी ही घटनाओं का असर रहा कि नामांकन रैली में लोगों की भीड़ टूट पड़ी।

बारां शहर के प्रताप चौक पर भगत सिंह की तस्वीर पर तिलक करने के लिए अंता सीट से निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने यह किया था। वहां मौजूद राजेंद्र गुढ़ा ने चाकू छीना था।

बारां शहर के प्रताप चौक पर भगत सिंह की तस्वीर पर तिलक करने के लिए अंता सीट से निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने यह किया था। वहां मौजूद राजेंद्र गुढ़ा ने चाकू छीना था।

3. सीकर में शोरूम के सामने लहराई तलवार

शक में रस्सी भी सांप नजर आती है। सीकर के एक ज्वैलरी वाले को ऐसा ही लगा। वह भागा-भागा थाने पहुंच गया और रिपोर्ट दर्ज करा दी।

हुआ यूं कि जिस पार्टी से ज्वेलर का संपत्ति विवाद चल रहा था, वह नाचते-गाते, डीजे बजाते उसके शोरूम के सामने से गुजरी।

दुश्मन के शोरूम के पास पार्टी ने डीजे को रुकवा लिया। जमकर आतिशबाजी की। फिर तलवार लहरा-लहराकर नाचने लगे।

ज्वेलर वाली पार्टी को नाचना-गाना दिखाई नहीं दिया। दिखी तो सिर्फ तलवार। दुश्मन हथियार लेकर नाच भी रहा हो, तब भी खतरनाक होता है। सेल्फ डिफेंस हर हाल में जरूरी है साहब।

सीकर में ज्वैलरी शोरूम के सामने तलवार लहराकर नाचने वालों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

सीकर में ज्वैलरी शोरूम के सामने तलवार लहराकर नाचने वालों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

4. चलते-चलते…

साहब ट्रैफिक पुलिस में अफसर हैं। मस्त हैं। नेचर की बात नहीं हो रही, नाम ही मस्त है। प्रवीण कुमार नाम होने के कारण वे पीके कहलाने लगे। तखल्लुस यानी उपनाम है मस्त।

इस तरह अफसर साहब पीके मस्त नाम से जाने जाते हैं। सड़क पर चलने वालों को प्रेरित करने के लिए वीडियो बनाते हैं। उनकी रील धड़ाके के चलती हैं। मोटिवेशन का मोटिवेशन और मनोरंजन अलग से।

एक बार साहब शहर के म्यूजियम पर तैनात। कार से आए महानुभाव ने सवाल दागा- साहब, आप ‘लेते’ हैं क्या? लेने से उनका तात्पर्य मदिरा से थे। साहब ने इनकार किया। दूसरा सवाल आया-फिर सभी आपको पीके मस्त क्यों कहते हैं?

इसी तरह अफसर साहब प्रतापनगर में वाहन चेकिंग कर रहे थे। दूर से एक छात्र स्कूटी पर आता दिखा। स्पीड स्लो थी। सिर पर हेलमेट। साहब खुश।

छात्र को रोका। तारीफ की। तारीफ को छात्र समझ नहीं पाया। हेलमेट का ग्लास उठाकर बोला- नो अंडरस्टैंड। आई एम नाईजीरियन।

जयपुर में ट्रैफिक पुलिस अधिकारी प्रवीण कुमार मस्त मोटिवेशनल वीडियो बनाकर लोगों को ट्रैफिक रूल्स का पालन करने के लिए प्रेरित करते हैं।

जयपुर में ट्रैफिक पुलिस अधिकारी प्रवीण कुमार मस्त मोटिवेशनल वीडियो बनाकर लोगों को ट्रैफिक रूल्स का पालन करने के लिए प्रेरित करते हैं।

वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…



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