पाली जिले के रोहट क्षेत्र के किसानों ने फर्जी क्लेम उठने का आरोप लगाया है।
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करीब 5 साल से रबी की फसल की बुवाई तक नहीं की। फिर भी किसी ने फर्जी दस्तावेज बनाकर हमारी जमीन पर रबी की फसल दिखाकर फसल बीमा का क्लेम उठा लिया।

यह कहना है उन किसानों का, जिन्होंने अपनी जमीन पर पिछले साल रबी की फसल की बुवाई तक नहीं की। लेकिन फर्जी कागजातों में उनकी फसल का दूसरे लोगों ने क्लेम भी उठा लिया।
दरअसल जिले में इस साल भी औसत से ज्यादा बरसात हुई। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ। सैकड़ों किसानों को शिकायत है कि उन्हें फसल खराबे का क्लेम नहीं मिला।
दूसरी तरफ रोहट क्षेत्र 20 से ज्यादा किसानों ने क्लेम राशि जारी करने में फर्जीवाड़ा होने का आरोप लगाया। पीड़ित किसान SDM रोहट से मिले और लिखित में शिकायत दी। एसडीएम ने कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट

3 साल से उठ रहा फर्जी क्लेम
पाली जिले के रोहट क्षेत्र के देवाण गांव निवासी विक्रम सिंह ने बताया- कुंडली चारणान में खसरा संख्या 5, रकबा 12.4886 हेक्टेयर जमीन है। इस भूमि पर रबी 2023, खरीफ 2024 और रबी 2024 में गलत फसल दर्शा कर फर्जी तरीके से किसी ने फसल बीमा क्लेम उठा लिया।
जबकि हमें इसकी कोई जानकारी तक नहीं है। किसी से बंटाईदार का इकरारनामा भी नहीं किया, फिर भी क्लेम उठा लिया गया।
5 साल से रबी फसल की बुवाई नहीं की, फिर भी क्लेम पास
देवाण गांव निवास किसान भगवत सिंह ने बताया- खसरा संख्या 133, रकबा 16.7782 हेक्टेयर है। इस भूमि पर पिछले करीब 5 साल से रबी की फसल की बुवाई तक नहीं की।
लेकिन इस जमीन पर पिछले साल 2024 में किसी ने बंटाईदार के फर्जी दस्तावेज बनाकर रबी की फसल (जीरा, चना) दिखाई।
फिर फर्जी दस्तावेजों से फसल बीमा की राशि उठा ली। जबकि जमीन के 6 किसानों को इसकी जानकारी तक नहीं है। उन्होंने मामले में एसडीएम से जांच की मांग की है।
रबी की फसल बुवाई की नहीं और क्लेम उठ गया
किसान जोरसिंह और उनके भाई कल्याण सिंह ने बताया- देवाण गांव में 60 बीघा जमीन है। जिस पर साल 2024 में रबी की फसल की बुवाई तक नहीं की।
लेकिन किसी ने फर्जी तरीके से झूठे दस्तावेज पेश कर मिलीभगत की और फसल बीमा क्लेम राशि उठा लिया। जब उन्हें जानकारी हुई तो उन्होंने एसडीएम ऑफिस में शिकायत दर्ज करवाई है।

किसान नेता बोले- सवा महीने हो गया, कोई कार्रवाई नहीं हुई
भारतीय किसान संघ के महामंत्री रामचंद्र का कहना है- किसानों के साथ हुए फर्जीवाड़े को लेकर वे किसानों के साथ रोहट एसडीएम कार्यालय 12 सितंबर को गए थे। लिखित में शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायत में बताया कि देवाण और भीमाणा के किसानों की खातेदारी जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए गए है। इनमें किसी में बंटाईदार तो कुछ खाली खेतों में जीरे और सरसों की फसल बताकर बीमा क्लेम उठाए गए हैं।
जबकि गिरदावरी में चना और तारामीरा दर्शाया गया है। जहां पिछले पांच साल में रबी की फसल की उगाई तक नहीं की गई। वहां फसल बताकर बीमा राशि का क्लेम उठा लिया गया। क्लेम जारी करने में फर्जीवाड़ा हुआ है।
उन्होंने बताया कि एसडीएम ने जांच के लिए कमेटी बनाई थी। कमेटी को एक सप्ताह में रिपोर्ट देनी थी। लेकिन एक महीने बाद भी कमेटी की ओर से रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। जबकि 25 से 30 किसानों ने फसल बीमा का फर्जी क्लेम उठने की शिकायत की थी।

