मुख्य बातें

बांके बिहारी जी के दर्शनों का बदला समय: कमेटी द्वारा निर्धारित समय पर नहीं खुले दर्शन, सेवायतों ने सर्दियों के पुराने समय पर ही खोले पट – Mathura News

बांके बिहारी जी के दर्शनों का बदला समय:  कमेटी द्वारा निर्धारित समय पर नहीं खुले दर्शन, सेवायतों ने सर्दियों के पुराने समय पर ही खोले पट – Mathura News


मंदिर के गोस्वामी कमेटी द्वारा निर्धारित समय पर दर्शन न खोलकर पुराने समय पर ही दर्शन खोल रहे हैं

बांके बिहारी मंदिर में दीपावली की दौज से दर्शनों का समय बदल गया। यहां अब दर्शन सुबह के समय से एक घंटे देरी से खुलेंगे और बंद होंगे। वहीं शाम के दर्शन एक घंटे जल्दी खुलेंगे और बंद होंगे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी ने सर

.

कमेटी ने यह समय किया था निर्धारित

सुप्रीम कोर्ट द्वारा बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के लिए गठित हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी ने दीपावली की दौज से होली की प्रतिप्रदा तक दर्शन खुलने और बंद होने का समय निर्धारित किया था। 11 सितंबर को कमेटी की हुई चतुर्थ मीटिंग में मंदिर के ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन समय में दर्शन का समय निर्धारित किया था। कमेटी की हुई मीटिंग में शीतकालीन समय में यानि दिवाली की दौज से होली की प्रतिप्रदा तक सुबह के समय मंदिर खुलने का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 1:30 तक और शाम को 4 से 9 बजे तक समय रखा था।

कमेटी की हुई चतुर्थ मीटिंग में मंदिर के ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन समय में दर्शन का समय निर्धारित किया था

आरती के लिए किया था समय निर्धारित

कमेटी द्वारा निर्धारित किये गए समय में सुबह 8 बजे से 8:15 तक शृंगार आरती। दोपहर 1:30 पर राजभोग आरती और रात 9 बजे शयन आरती का समय रखा था। दोपहर डेढ़ बजे राजभोग आरती और शाम को 9 बजे शयन भोग आरती के बाद पट बंद करने के निर्देश दिए थे। इसकी सुचना मंदिर के गोस्वामियों को देने के साथ साथ जगह जगह सुचना चस्पा भी की गयी थी।

सुचना मंदिर के गोस्वामियों को देने के साथ साथ जगह जगह सुचना चस्पा भी की गयी थी

सुचना मंदिर के गोस्वामियों को देने के साथ साथ जगह जगह सुचना चस्पा भी की गयी थी

इस समय खोल रहे पुजारी दर्शन

बांके बिहारी मंदिर में कमेटी द्वारा निर्धारित किये गए समय से पहले सर्दियों में सुबह दर्शन खुलने का समय 8:45 से दोपहर 1 बजे तक और शाम को 4:30 से रात 8:30 तक था। मंदिर के गोस्वामी कमेटी द्वारा निर्धारित समय पर दर्शन न खोलकर पुराने समय पर ही दर्शन खोल रहे हैं। गर्मियों में भी गोस्वामियों ने कमेटी द्वारा निर्धारित समय को नहीं माना था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *