बटाला साइफर ग्रुप फरफॉर्म करते हुए।
पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री में साइफर यानी फ्रीस्टाइल रैप का नया दौर शुरू हुआ है। युवाओं में इसका क्रेजी तेजी से बढ़ा है। बटाला में बटाला साइफर ग्रुप बना है। पांच युवाओं द्वारा बनाया गए ग्रुप को मिलियन व्यू मिल रहे हैं। इनका गीत मामा फोन क्यों नीं चुक
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मोगा की परमजीत उर्फ परम के ‘दैट गर्ल’ सॉन्ग के बाद पूरे पंजाब में साइफर पेज बनने शुरू हो गए हैं। मोगा, बटाला, बठिंडा, अमृतसर के युवा इस तरह के पेज बनाकर अपना टैलेंट दिखा रहे हैं।
शूटर गिल और करन मेहरा गीत की शूटिंग के दौरान मेकअप करवाते हुए।
साइफर सफर पेज शुरू करने की कहानी…
- परिजनों ने कहा- किस काम में पड़ गए हो: बटाला सिटी के रहने वाले करन मेहरा, उत्सव, अनूप और शूटर गिल ने दिसंबर 2024 में साइफर पेज शुरू किया था। करन बताते हैं कि उनका ये सफर आसान नहीं था। घर वालों ने कहा कि किस काम में पड़ गए हो। लोगों ने भी पहले रिस्पॉन्स नहीं दिया। लेकिन वह लगे रहे।
- 100 से ज्यादा युवाओं का ग्रुप बना: करन ने बताया कि इसका फायदा मिला। हमारे कई रैप हिट हो गए और युवाओं की जुबान पर हैं। हाल यह है कि 4 से 5 लोगों से शुरू हुआ बटाला साइफर अब 100 से ज्यादा युवाओं का रैप ग्रुप बन चुका है। सोशल मीडिया पर मिलियन व्यू मिल रहे हैं।
- ग्राउंड में फ्री स्टाइल रैप करने लगे: करन और शूटर गिल ने बताया कि वह डेली बटाला में स्कूल या कॉलेज ग्राउंड में एकत्रित होकर फ्री स्टाइल रैप करने लगे। शूटर गिल ने बताया कि उसे आइडिया आया तो उसने करन को फोन कर इस तरह का पेज बनाने को कहा। इस पर वह मान गया। ये मील का पत्थर साबित हुआ।
- रियल मझैल गीत से मिली पहचान: इसके बाद उनके साथ अनूप और उत्सव जुड़े और एक-एक कर दूसरे युवक जड़ने लगे। एक साल की मेहनत के बाद इनके गीत रियल मझैल को लोगों में पहचान मिली। उन्हें यह नहीं पता था कि इतना फेमस हो जाएगा।

युवाओं ने कहा कि दिसंबर 2024 में साइफर पेज बनाया था।
- फोन क्यों नीं चुक्कण डेया गाना हुआ वायरल: शूटर गिल ने बताया कि उसने एक कॉमन बात पर रैप लिखा। जब कोई किसी को फोन करे और आगे वाला न उठाए तो हर कोई यही कहता है कि फोन क्यों नहीं उठा रहे थे। इस सिचुएशन पर रैप लिखा। इसका टाइटल दिया कि मामा फोन क्यों नीं चुक्कण डेया। इसे कंपोज किया और गा दिया।
- लोग गीत को पसंद कर रहे, रील्स बन रहीं: गिल ने बताया कि जब किया तो यह पता नहीं था कि ये गीत रातों-रात हिट हो जाएगा। युवाओं में यह काफी पसंद किया जा रहा है। अब इस पर धड़ाधड़ रील्स बन रही हैं। लोग पसंद कर रहे हैं। इस गीत ने हमारे अंदर विश्वास भर दिया। इससे हमारा पेज और पसंद किया जाने लगा
- पहली रील पंजाबी सिंगर दिलजीत ने पोस्ट की: करन ने बताया कि उन्होंने दिलजीत के गीत पानी के रंग पर रैप कर दिया। जो दिलजीत दोसांझ को पसंद आया। इसके बाद पहली बार किसी सिंगर ने उनकी रील को स्टोरी पर लगाया। इसके बाद सिंगर हनी सिंह, परमीश वर्मा, जॉर्डन संधू सपोर्ट कर चुके हैं।
- बिल बोर्ड तक पहुंचने का सपना: करन, उत्सव और शूटर गिल ने बताया कि उन्होंने शौक पूरा करने के लिए ये ग्रुप बनाया था। उन्हें भी नहीं पता था कि इतना प्यार मिलेगा। आज उनके गीत रियल मझैल और छेवां गेर गीत को 2 मिलियन व्यू मिल चुके हैं। तीन हफ्ते पहले रिलीज मामा फोन क्यों नीं चुक्कण डेया गाना मिलियन व्यूज के करीब पहुंच गया है। उनका सपना बिल बोर्ड तक पहुंचने का है।

उत्सव और करण कॉलेज फ्रेंड करन और उत्सव ने बताया कि वह कॉलेज फ्रेंड हैं। बटाला के खालसा कॉलेज में पढ़ते हैं। म्यूजिक में शौक स्कूल टाइम से हुआ। दोनों ने बताया कि उनको रैप लिखने का शौक था। इसे लोगों के सामने लाने के लिए बटाला साइफर पेज बनाया।
छुट्टी के बाद कॉलेज में ही छोटे-छोटे रैप रिकॉर्ड कर इस पर डालने लगे। दूसरे लड़कों ने भी इस पेज को फेसबुक पर देखा तो पेज से जुड़ने के लिए एप्रोच करने लगे। आज इस मुकाम तक पहुंच गए हैं। सबका प्यार मिल रहा है।
यूके से शुरू हुआ साइफर का ट्रेंड साइफर का मतलब कोड, रहस्य और संख्या से है। म्यूजिक में इसका मतलब हिप-हॉप और रैप कल्चर से है। इसमें एक ग्रुप या सर्कल में कई रैपर्स, फ्रीस्टाइलर्स या डांसर्स बारी-बारी से अपनी स्किल दिखाते हैं। सब एक-दूसरे को इंस्पायर करते हैं और अपनी क्रिएटिविटी दिखाते हैं।
ये न्यू यार्क में 1970 से शुरू हुआ। इंडिया में साइफर का ट्रेंड 2010 से आया। मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु के बाद अब ये छोटे शहरों में फैल रहा है। इंडिया के मशहूर रैपर रफ्तार साइफर से निकले कलाकार हैं।
