गुरविंदर सिंह ने प्रबंधन और मिल्कफेड पर गंभीर आरोप लगाए
लुधियाना स्थित वेरका मिल्क प्लांट में बाॅयलर इंचार्ज कुणाल जैन की दुखद मौत के बाद मिल्क प्लांट के एक पुराने इंजीनियर ने अहम खुलासा किया है। इंजीनियर का आरोप है कि जिस प्लांट में बॉयलर फटने से कुनाल जैन की मौत हुई है उसके निमार्ण में सब स्टैंडर्ड माल
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चार महीने में पूरा होना था काम टेंडर के अनुसार यह प्लांट 4 महीने में मुकम्मल होना था।और आज 5 साल बीत जाने के बाद भी यह प्लांट पूरी तरह चालू नहीं हुआ है।कभी कोई यूनिट चल पड़ता है, तो कभी कोई उन्होंने कहा कि अभी तक प्लांट कभी पूरी तरह चला ही नहीं। दो दिन पहले कुनाल जैन से इसी प्लांट को शुरू करवाया जा रहा था। मटियरियल ठीक न होने के कारण एयर हीटर प्लांट फट गया और बॉयलर में ब्लास्ट हो गया।
अभी तक नहीं किया कंपनी ने प्लांट हेंडओवर उन्होंने दावा किया कि इस प्लांट पर मिल्कफेड ने मिलकर 11 करोड़ रुपये का खर्चा किया है लेकिन यह आज तक हैंडओवर नहीं हुआ है।वर्कर्स का आरोप है कि फ़रीदाबाद की कंपनी ने अभी तक लिखित तौर पर प्लांट हैंडओवर नहीं किया है, जबकि पेमेंट सारी कर दी गई है। टेंडर की शर्तों के अनुसार हैंडओवर के बाद एक साल तक प्लांट को ट्रायल पर चलाना होता है, लेकिन यहां न प्लांट चला और न ही हैंडओवर हुआ।
हादसा नहीं ,भ्रष्टाचार ने ली कुनाल की जान
गुरविंदर सिंह ने सीधे-सीधे कहा इन्होंने लाखों करोड़ों रुपया कमीशन खा के सब-स्टैंडर्ड माल यूज़ करके हमारे बच्चे की (कुणाल जैन) जान ले ली। उस बच्चे का मोल कौन देगा उन्होंने रात के समय बच्चों को बुलाकर ट्रायल करवाने की ज़रूरत पर भी सवाल उठाया जबकि कंपनी ने यूनिट हैंडओवर नहीं किया था। उसने कहा कि कुणाल की जान हादसे में नहीं भ्रष्टाचार की वजह से गई है।
महिला पर पेमेंट का दबाव डाला नहीं की तो कर दिया ट्रांसफर
कमीशनखोरी से जुड़ी पेमेंट के दबाव में एक महिला अकाउंटेंट को जबरदस्ती जालंधर ट्रांसफर करने का गंभीर आरोप लगाया गया। सिंह के अनुसार मिल्कफेड के अधिकारियों ने उस महिला को 6 महीने की छुट्टी देकर बैठा दिया। एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए उन्होंने प्लांट के अंदर के एक कर्मचारी है उसने अपने बेटे के नाम पर एक प्राइवेट फर्म बना रखी है और यहां पर काम कर रहा है।
वेरका जीएम दलजीत सिंह का बयान
जीएम दलजीत सिंह ने इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा प्लांट में लगातार बॉयलर चल रहे हैं और जो भी प्रक्रियाएँ होती हैं उन्हें गवर्नमेंट थ्रू पासिंग मिलती है। प्लांट को चलाने के लिए जो भी लाइसेंस चाहिए होते हैं वह हमें हासिल हैं। उन्होंने कुणाल जैन की मौत को एक हादसा’ बताते हुए कहा यह हादसा किन्हीं कारणों से हुआ। इस पर मैं अभी कुछ नहीं कहूँगा। उनका इशारा था कि मौत की वजह पर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। जीएम ने बताया कि मामले की पूरी जांच के लिए हेडऑफिस द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस कमेटी में टेक्निकल एक्सपर्ट्स शामिल हैं जो बारीकी से सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। जीएम दलजीत सिंह ने अप्रत्यक्ष रूप से सभी भ्रष्टाचार सब-स्टैंडर्ड माल के इस्तेमाल और कमीशनखोरी के आरोपों को बेबुनियाद बताया है और मामले को केवल एक ‘हादसा’ करार देकर पूरी जांच प्रक्रिया पर विश्वास जताने की अपील की है। यह रिपोर्ट वेरका जीएम के बयान पर आधारित है, जबकि प्लांट के पुराने वर्कर गुरविंदर सिंह के आरोप अभी भी गंभीर बने हुए हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग जारी है।
वेरका जीएम दलजीत सिंह का बयान
