विधानसभा चुनाव का मतदान अब बस एक सप्ताह दूर है और बक्सर में चुनावी माहौल चरम पर है। हर गली-मोहल्ले से लेकर चौक-चौराहों तक लाउडस्पीकरों पर नारे, रथ यात्राएं और पदयात्राएं देखने को मिल रही हैं। प्रत्याशी सुबह से रात तक मतदाताओं से जुड़ने में जुटे हैं।
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तीन दावेदारों में कांटे की टक्कर
इस बार बक्सर विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।कांग्रेस से मौजूदा विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, भाजपा से पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा, और जन सुराज पार्टी से तथागत हर्षवर्धन मैदान में हैं।तीनों प्रत्याशी अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मतदाताओं को साधने की कोशिश में लगे हैं।
विकास के दम पर वोट मांग रहे हैं मुन्ना तिवारी
कांग्रेस उम्मीदवार संजय तिवारी अपने दो कार्यकालों के विकास कार्यों को अपनी मुख्य उपलब्धि के रूप में गिनवा रहे हैं।उन्होंने कहा कि क्षेत्र में किसानों के लिए कैनाल पंप, नहरों की सफाई, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर काम किया गया।संजय तिवारी ने भाजपा प्रत्याशी पर निशाना साधते हुए कहा—“जो लोग मंच पर गीत-संगीत का मजाक उड़ाते हैं, वे जनता की भावनाओं को नहीं समझ सकते।”उनका यह बयान आनंद मिश्रा पर अप्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है।
‘ईमानदार प्रशासक’ की छवि गढ़ने में जुटे आनंद मिश्रा
भाजपा प्रत्याशी आनंद मिश्रा, जो खुद पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं, अनुशासन और ईमानदारी की छवि के साथ चुनावी मैदान में हैं।उनके समर्थक सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और संजय तिवारी का एक पुराना वीडियो वायरल कर रहे हैं, जिसमें वे एक कार्यक्रम में गायकों के साथ मंच साझा कर रहे हैं।भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि दो बार विधायक रहने के बावजूद मुन्ना तिवारी ने बक्सर के लिए ठोस काम नहीं किया।

जन सुराज के हर्षवर्धन भी बनाए हुए हैं समीकरण
वहीं, जन सुराज पार्टी के तथागत हर्षवर्धन लगातार गांव-गांव जाकर जन संपर्क अभियान चला रहे हैं।वे खुद को “नए बिहार की नई सोच” के प्रतिनिधि के तौर पर पेश कर रहे हैं और युवाओं को रोजगार, शिक्षा और भ्रष्टाचारमुक्त शासन का वादा कर रहे हैं।उनकी मौजूदगी से मुकाबला और दिलचस्प और बहुकोणीय हो गया है।
