हांसी में खाद बांटने के लिए पुलिस भी बुलानी पड़ी।
हिसार जिले के हांसी में डीएपी खाद की किल्लत ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। सोमवार को हांसी अनाज मंडी के सामने स्थित किसान सेवा केंद्र पर खाद लेने के लिए भारी भीड़ उमड़ी, जिसके कारण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।
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सुबह 4 बजे से लग रही हैं लाइनें
किसानों के अनुसार, सुबह चार बजे से ही खाद के लिए लाइनें लगनी शुरू हो जाती हैं। सूरज निकलने तक सैकड़ों किसान अपनी बारी का इंतजार करते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की तैनाती करनी पड़ी, जिस पर किसानों ने सवाल उठाया कि खाद वितरण के लिए पुलिस की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
डीएपी के लिए किसान के हाथ पर लगाई गई मोहर
किसानों में नाराजगी
किसानों को टोकन के बजाय उनके हाथों पर मोहर लगाई जा रही थी, ताकि वे दोबारा लाइन में न लग सकें। इस प्रक्रिया पर कई किसानों ने नाराजगी व्यक्त की। गंगनखेड़ी गांव के एक किसान ने कहा, “हम खाद लेने आए हैं, अपराधी नहीं। हाथ पर मोहर लगाना अंग्रेजों के जमाने की याद दिलाता है।”
किसान को मिल रहे हैं केवल दो कट्टे
किसान सेवा केंद्र के इंचार्ज अमित यादव ने बताया कि वर्तमान में लगभग एक हजार कट्टे डीएपी खाद ही उपलब्ध हैं। सीमित स्टॉक के कारण, प्रत्येक किसान को एक आधार कार्ड पर केवल दो कट्टे खाद ही दिए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसानों तक खाद पहुंच सके।
महिलाओं की भी लंबी कतारें, प्रशासन के दावों पर सवाल
खाद लेने के लिए महिलाओं की भी लंबी कतारें देखी गईं। किसानों ने प्रशासन के “पर्याप्त खाद उपलब्धता” के दावों को जमीनी हकीकत से दूर बताया। उनका कहना है कि यूरिया के बाद अब डीएपी की किल्लत खेती के लिए शुभ संकेत नहीं है।
