आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 14 लाख 50 हजार की ठगी।
आजमगढ़ जिले के महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में फर्जी नियुक्ति के नाम पर 14 लाख 50 हजार की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के रहने वाले युवक अंशु यादव पुत्र बच्चे लाल यादव से महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में नौक
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पुलिस को दिए शिकायती पत्र में पीड़ित ने आरोप लगाया कि मेरे गांव के बगल के रहने वाले महेश राजभर के रिश्तेदार अर्जुन राजभर जो की मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना का रहने वाला है। आरोपी ने हम लोगों को बताया कि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में मेरी मजबूर पकड़ है। ऐसे में आपके बेटे की नौकरी लगवा दूंगा। उसके लिए साढ़े 14 लाख रुपए लगेगा। इसके बाद आपके बेटे को नौकरी मिल जाएगी। पीड़ित ने आरोपी की बातों पर विश्वास करके आरोपी के खाते में पैसा भेज दिया।
प्रमुख सचिव शिक्षा संजय प्रसाद के नाम मुहर से जारी नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइन करने पहुंचा था पीड़ित।
28 जुलाई को ज्वाइन करने पहुंचा था युवक
आरोपी अर्जुन राजभर ने उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद की मोहर और दस्तखत के साथ नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया था। जिसके तहत ₹32000 प्रतिमा वेतन दिए जाने की भी बात कही गई थी। पीड़ित युवक जब नियुक्ति पत्र लेकर विश्वविद्यालय पहुंचा। तो विश्वविद्यालय ने इस तरह की किसी भी नियुक्ति से पूरी तरह से इंकार किया।
पीड़ित को जब अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ तो आरोपी से अपने पैसे वापस मांगने लगा। इसके बाद आरोपी ने मां बहन की गालियां देते हुए भगा दिया और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़ित नहीं इस मामले की शिकायत थाने में की है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति ने किसी तरह की नियुक्ति से किया इंकार।
विश्वविद्यालय के कुलपति ने किसी तरह की नियुक्ति से किया था इंकार
वही इस बारे में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति संजीव कुमार ने किसी तरह की नियुक्ति से इंकार करते हुए कहा कि जो भी नियुक्ति होती है। वह शासन से होती है। ऐसे में पीड़ित को पैसे देने से पहले हर मामले की बारीकी से जांच करनी चाहिए थी।
