सोनीपत में एक व्यक्ति से जमीन बेचने के नाम पर लाखों रुपए हड़पने और बाद में जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत मेंबर ने जब तहसीलदार और पटवारी से जांच करवाई तो खुलासा हुआ कि साजिश रचकर झूठा इकरारनामा तैयार किया। आरोप लगाया कि
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ग्राम पंचायत सदस्य के साथ ठगी का मामला
गांव खिजरपुर अहीर के रहने वाले शमशेर सिंह ने बताया कि वह साल 2016 से 2021 तक सीएम विंडो इमिनेंट प्रश्न समिति में सदस्य रहा है और वर्तमान में ग्राम पंचायत खिजरपुर अहीर में मेम्बर के रूप में कार्यरत है। उसने बताया कि आरोपी बीरसिंह यादव ने उससे संपर्क कर अपनी पत्नी शकुंनतला की बतौर मालिक बताई गई भूमि बेचने का प्रस्ताव दिया।
43.50 लाख रुपए में हुआ सौदा, ब्याना भी दिया
शमशेर सिंह के अनुसार 30 मार्च 2024 को आरोपी बीरसिंह ने खेवट नंबर 173 और 174 की करीब 10 कनाल 5 मरले जमीन बेचने की बात तय की। दोनों पक्षों में 43 लाख 50 हजार रुपए में सौदा हुआ और शमशेर सिंह ने मौके पर ही 50 हजार रुपए ब्याना के रूप में दे दिए। इसके बदले आरोपी ने रसीद और इकरारनामा तैयार किया तथा 2 अप्रैल 2024 तक रजिस्ट्री की तिथि तय की गई।
फोटो एआई जनरेटेड है
आरोपी ने रजिस्ट्री से पहले बदल दी बात
पीड़ित ने बताया कि आरोपी बीरसिंह रकम लेकर रजिस्ट्री करने से बचता रहा। बाद में उसने यह कहकर नया बहाना बना दिया कि उक्त भूमि का मुख्तयारआम उसकी पत्नी शकुन्तला ने अपने बेटे नरेश को बना रखा है, इसलिए वही रजिस्ट्री करेगा। कई बार अनुरोध करने के बावजूद आरोपी ने न तो रजिस्ट्री कराई और न ही रकम लौटाई।
शमशेर सिंह ने बताया कि 28 मार्च 2025 को जब उसने उत्सव ढाबा जीटी रोड गन्नौर पर आरोपी बीरसिंह और उसके बेटों से बात की, तो उन्होंने धमकी दी कि यदि उसने दोबारा रजिस्ट्री की बात की तो उसे बदमाशों से उठवा लिया जाएगा।
पहले समझौता, फिर दोबारा धोखाधड़ी
शमशेर सिंह ने यह मामला 10 जून 2025 को एसीपी गन्नौर को शिकायत के रूप में दिया था, जिसके बाद थाने में जांच चली। इस दौरान आरोपीगण ने राजीनामा कर लिया और 28 जून 2025 को एक नया इकरारनामा नोटरी पब्लिक के समक्ष तैयार करवाया। इसमें 12 लाख 50 हजार रुपए की रकम गवाहों के सामने दी गई और 15 अक्टूबर 2025 को रजिस्ट्री की तिथि तय की गई।
पटवारी जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पीड़ित ने जब तहसीलदार और हल्का पटवारी से रिकॉर्ड की जांच कराई तो यह सामने आया कि शकुन्तला ने उक्त भूमि पहले ही 11 जनवरी 2010 को अपने बेटे कुशल कुमार के नाम कर दी थी। इस दस्तावेज को जानबूझकर कई सालों तक छिपाए रखा गया और बाद में 14 जुलाई 2025 को इंतकाल दर्ज कराया गया। इससे स्पष्ट हुआ कि आरोपीगण ने जानबूझकर फर्जी सौदा कर पीड़ित को धोखा दिया।
फर्जी दस्तावेज बनाकर की साजिश
शमशेर सिंह के अनुसार आरोपियों ने पहली शिकायत से बचने और अपने कुकर्मों को छिपाने के लिए नया झूठा इकरारनामा तैयार किया। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने दोबारा जान से मारने की धमकी दी और कहा कि वे उसे किसी बदमाश से गोली मरवा देंगे।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस उपायुक्त (पूर्वी सोनीपत) के आदेश पर जांच के बाद गन्नौर थाना पुलिस ने आरोपी नरेश, शकुन्तला, बीरसिंह और जितेंद्र के खिलाफ मुकदमा नंबर 429, दिनांक 28 अक्तूबर 2025 को दर्ज किया। मामला धारा 316(2), 318(4), 61(2) BNS के तहत दर्ज हुआ है। इसकी जांच एएसआई पवन को सौंपी गई है और एसआई रमेश की निगरानी में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पीड़ित ने मांगी सुरक्षा और न्याय
शिकायतकर्ता शमशेर सिंह ने कहा कि आरोपियों की धमकियों के कारण वह लगातार भय में जी रहा है। उसने पुलिस प्रशासन से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है तथा निष्पक्ष जांच के माध्यम से दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की गुहार लगाई है।
