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हरियाणा पुलिस का SI बर्खास्त: पंचकूला में फर्जी कॉल सेंटरों से प्रोटेक्शन मनी लेता था; जींद SP बोले- इसने वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाई – Panchkula News

हरियाणा पुलिस का SI बर्खास्त:  पंचकूला में फर्जी कॉल सेंटरों से प्रोटेक्शन मनी लेता था; जींद SP बोले- इसने वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाई – Panchkula News


पंचकूला पुलिस कमिश्नर शिबास कबिराज की सिफारिश पर SI को बर्खास्त किया गया है। – फाइल फोटो

हरियाणा के पंचकूला में साइबर अपराधियों से साठगांठ रखने वाले एक सब इंस्पेक्टर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उस पर आरोप था कि वह गिरफ्तार किए गए साइबर आरोपियों से अवैध कॉल सेंटर को चलाने के लिए प्रोटेक्शन मनी लेता था।

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आरोपों के बाद जब जांच हुई तो SI दोषी पाया गया। बर्खास्तगी के समय आरोपी SI जींद में तैनात था। उसे पंचकूला पुलिस कमिश्नर शिबास कविराज की सिफारिश पर जींद के SP कुलदीप सिंह ने नौकरी से निकाला। उन्होंने कहा कि SI ने वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाई। आरोपी की पहचान सतीश कुमार के रूप में हुई है।

पंचकूला में 21 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के साथ डीसीपी मनप्रीत सूदन। – फाइल फोटो

सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, आखिर कैसे फंसा सब इंस्पेक्टर…

  • अगस्त में किया था फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़: पंचकूला के पुलिस कमिश्नर शिबास कबिराज ने बताया है पुलिस ने 20 अगस्त 2025 की रात को 3 फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने आईटी पार्क में छापा मारकर 85 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें कॉल सेंटरों के मालिक और कर्मचारी शामिल थे।
  • पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की गई: पकड़े गए आरोपी अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को अपना शिकार बना रहे थे। टीम ने अब तक 3 कॉल सेंटरों के 10 मालिकों में से 6 को गिरफ्तार कर लिया, जबकि 4 अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। इनसे पूछताछ की गई।
  • कैश और उपकरण हुए थे बरामद: पुलिस ने कॉल सेंटरों से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और कैश बरामद किया था। एक कॉल सेंटर से 85 लैपटॉप, 62 मोबाइल फोन और 8 लाख 40 हजार रुपए कैश, दूसरे से 62 लैपटॉप, 60 मोबाइल फोन और 73 हजार 176 रुपए कैश और तीसरे कॉल सेंटर से 18 मोबाइल फोन, 21 सीपीयू, एक लैपटॉप और 3 लाख 20 हजार रुपए कैश जब्त किए गए।
पंचकूला में छापे के बाद गिरफ्तारी के दौरान आरोपी मुंह छिपा रहे थे। - फाइल फोटो

पंचकूला में छापे के बाद गिरफ्तारी के दौरान आरोपी मुंह छिपा रहे थे। – फाइल फोटो

  • रेड में पकड़े लोगों ने SI का नाम लिया: पुलिस के अनुसार, रेड में पकड़े गए लोगों ने बताया था कि वह सब इंस्पेक्टर सतीश कुमार को प्रोटेक्शन मनी देते थे। इसलिए, उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सका। जब सतीश कुमार को जांच में शामिल किया गया तो पता चला कि उनकी तैनाती जींद में है। हालांकि, वह नवंबर 2024 में ही जींद में ट्रांसफर हुए थे।
  • SI कॉल सेंटरों से प्रोटेक्शन मनी लेते थे: जानकारी के मुताबिक, सतीश कुमार नवंबर 2024 से पहले पंचकूला के नोडल साइबर थाना में तैनात थे। वह इन अवैध कॉल सेंटरों को संरक्षण देने के लिए प्रोटेक्शन मनी लेते थे। उन पर लगे आरोपों की जांच करते हुए पुलिस ने उन्हें दोषी पाया।
  • जींद के SP ने बर्खास्त किया: पंचकूला के पुलिस कमिश्नर की रिपोर्ट में सतीश कुमार का नाम 21 अगस्त 2025 को धारा आईटी एक्ट बीएनएस, टेलीकम्युनिकेशन एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत थाना साइबर क्राइम पंचकूला में सामने आया था। इसके बाद जींद के SP ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया। सब इंस्पेक्टर सतीश कुमार वर्ष 2000 में पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे।

पुलिस कमिश्नर बोले- आरोपी जांच में शामिल वहीं, पंचकूला पुलिस कमिश्नर शिबास कबिराज ने बताया कि हाईकोर्ट से जमानत के बाद सब इंस्पेक्टर सतीश को जांच में शामिल किया। उसने एक अन्य कर्मचारी सिद्धार्थ का नाम भी बताया है। उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा। सतीश को जींद पुलिस अधीक्षक ने बर्खास्त कर दिया है।



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