अधिकारियों से बहस करते किसान यूनियन के नेता
पंजाब के बरनाला जिले के जगजीतपुरा गांव में पराली जलाने वाले एक किसान पर कार्रवाई को लेकर हंगामा हो गया। कार्रवाई करने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल का भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा) और भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के कार्यकर्ताओं ने घेराव कि
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यह घटना तब हुई जब एक किसान द्वारा धान की पराली को आग लगाने की सूचना पर डीएसपी तपा गुरबिंदर सिंह, पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में किसान संगठनों के कार्यकर्ता घटनास्थल पर जमा हो गए। किसानों का कहना है कि मशीनें उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए पराली जल रही है।
गांव जगजीतपुरा के खेतों में पहुंचे अधिकारियों का घेराव करके बैठे किसान
नेता बोले- खराब फसलों में सेटेलाइट काम नहीं करते
भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के जिला अध्यक्ष दर्शन सिंह उगोके और भारतीय किसान यूनियन उगराहां के जिला नेता दर्शन सिंह चीमा ने बताया कि जगजीतपुरा गांव में किसान ने मजबूरी में पराली जलाई थी। उन्होंने अधिकारियों की कार्रवाई का विरोध किया।
आरोप लगाया कि अधिकारी सैटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने का पता लगाकर किसानों पर कार्रवाई करने खेतों में पहुंच जाते हैं, लेकिन जब प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की फसलें बर्बाद होती हैं, तो सरकार के सैटेलाइट काम नहीं करते और कोई भी अधिकारी किसानों की सुध लेने नहीं आता।

कार्रवाई के विरोध में एकत्र किसान

, डीएसपी तपा और किसानों के बीच की बहसबाजी
सरकार मशानें उपलब्ध नहीं करा रही है, इसलिए मजबूरी में जला रहे किसान
उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन किसानों को पराली प्रबंधन के लिए मशीनरी उपलब्ध कराने में विफल है। इस कारण पराली को आग लगाने के लिए मजबूर हैं। किसी भी किसान के खिलाफ कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई की गई, तो वे पराली की ट्रॉलियां भरकर डीएसपी और डीसी कार्यालयों के सामने आग लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
मशीनों का प्रबंध कर दिया गया है
थाना शैहना के एसएचओ गुरमंदर सिंह ने कहा कि किसानों के लिए बेलर मशीनों का प्रबंध कर दिया गया है। कल से किस बेलर मशीनों के साथ पराली को इकट्ठा करके संभल करेंगे, इसको आज नहीं लगाएंगे। उन्होंन कहा कि किसानों को पराली नहीं जलानी चाहिए। इससे उनकी जमीन भी खराब हो रही है।
