बिहार राज्य महिला आयोग में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। अपने बेटे और बहू के रिश्ते को ठीक करने के लिए सास अपनी बहू को तांत्रिक के पास ले जाया करती थी, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बाद में सास ने बहाना बनाया कि बहू के ऊपर उसके छोटे बेटे की आत
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सास ने बहू को रखने के लिए 5 लाख रुपए की डिमांड की है। पीड़िता प्रियंका (बदला हुआ नाम) की शादी चंदन से 7 दिसंबर 2023 को हुई थी। जो एमआर है।
महिला आयोग में पहुंची पीड़िता।
शादी के बाद 4 दिन ससुराल में रहे पति
पीड़िता ने कहा कि 15 दिसंबर को गौना तय था, मेरी विदाई होनी थी। शादी के बाद 4 दिन तक चंदन अपने ससुराल में ही रहे। मिथिला रिवाज के अनुसार शादी के 4 दिन बाद तक रस्म चलती रही।
फिर 11 दिसंबर को अचानक मेरे पति ऑफिस का बहाना बनाकर अपने ससुराल से चले गए। शाम तक जब वह अपने ससुराल नहीं पहुंचे, तो फिर मेरे परिवार वालों ने उनके घर फोन किया तो सास ने भी चिंता जताकर कहा कि चंदन घर नहीं आए हैं।
मेरे घर वाले कुछ लोगों के साथ मेरे पति को ढूंढने निकले। तब पता चला कि वे अपने कंपनी के क्वार्टर में थे। वे क्यों भागे ये किसी को नहीं पता। मेरे परिवार वाले को लगा की शादी में किसी बात की वजह से वह नाराज थे, इसीलिए उनसे माफी मांगकर उन्हें घर वापस लाया गया।
उसके बाद उनका बात विचार अच्छा रहा। वह कई बार घर आए और फोन पर भी हमारी बातचीत होती रहती थी। फिर 8 फरवरी 2024 की तारीख गौना के लिए निकली। वह अच्छे से विदाई कर मुझे अपने घर ले गए।
सास अपनी बहू को तांत्रिक के पास ले गई
प्रियंका ने कहा कि विदाई के बाद शुरुआत के 2 दिन तक मेरे पति ने मुझसे अच्छे से बातचीत की। उसके बाद अचानक उनके व्यवहार में परिवर्तन आ गया। वह बस घर आते और जाते थे, मुझसे कोई बातचीत नहीं करते थे। हम दोनों के बीच सब ठीक हो जाए इसलिए मेरी सास ने मुझे एक बाबा के पास चलने को कहा।
जब मैं उनके साथ गई तो मुझे एक तांत्रिक दिखा। वहां पहुंचने पर मुझे बहुत डर लग रहा था क्योंकि चारों तरफ कंकाल और खोपड़ी दिख रहे थे। उस तांत्रिक ने मुझे चावल हाथ में दिया और फिर मुझे खाने को बोला। उसने मुझे एक ताबीज दिया, जिसे मुझे गले में पहनने के लिए बोला गया। जैसा बोला गया मैंने वैसा ही किया।

महिला आयोग में विचार-विमर्श करतीं पीड़िता।
तांत्रिक के पास से आने के बाद बीमार होने लगी
उन्होंने आगे बताया कि घर आने के कुछ दिन बाद मुझे काफी कमजोरी महसूस होने लगी थी और रह रहकर मुझे चक्कर आने लगे थे। मेरी सास ने फिर मुझे कहा कि उनका एक छोटा बेटा था, जिसकी कुछ साल पहले नदी में डूबने से मौत हो गई थी और उसका साया ही मेरे ऊपर आ रहा है। यह बात बोलकर वह मुझे 10 दिन बाद फिर उस तांत्रिक के पास लेकर गई। तांत्रिक ने फिर वही झाड़ू फूंक किया और मैं घर आ गई।
इस बीच मेरे और मेरे पति के बीच सब कुछ सही करने के उद्देश्य से बातचीत करने मेरे पिता ससुराल आए। फिर मेरी सास ने दहेज में दिए गए 10 लाख रुपए पैसों के अलावा, फिर 5 लाख रुपए की डिमांड की। जब मेरे परिवार द्वारा इस अनुचित मांग का विरोध किया गया, तब मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। मेरी सास द्वारा बार-बार मुझे डरत्या-धमकाया गया और यह कहकर मानसिक दबाव डाला गया कि यदि मांगें पूरी नहीं की गई, तो मेरे पति की दूसरी शादी कर दी जाएगी।
मधु श्रावणी पूजा में मायके गई थी
मधु श्रावणी पूजा के लिए मेरे पिता मुझे मायके ले जाने आए। मैं जब अपने मायके जा रही थी तो मेरी सास ने मेरे सारे आभूषण जबरन छीन लिए और कहा कि बेटे से वापस भेज देंगे। मगर इसके बाद ना ही उनका बेटा मुझे वापस मायके से लेने आया और ना ही मेरा सामान मुझे वापस किया गया। नवंबर 2024 में मेरे ससुराल वाले ने कहा कि मेरे पति मुझे लेने आएंगे।
हालांकि, उसके बाद से उनका मोबाइल बंद आने लगा। जुलाई 2025 में मैं मेरे और परिवार वाले समझौता करने के लिए उनके गांव गए। तब मेरे पिताजी और चाचा के सामने कहा गया कि ‘पहले 5 लाख दीजिए, तभी लड़की को रखने की बात सोचेंगे।’
जब कानूनी कार्रवाई की बात की गई तो मेरे पति, सास और उसके मौसा ने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘हमें कानून से डर नहीं लगता, जो करना है कर लो।’ अब मैं न्याय के लिए बिहार राज्य महिला आयोग पहुंची हूं।
8 दिसंबर सुनवाई की अगली तारीख
बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि रेखा सिन्हा ने कहा कि यह इस केस की तीसरी सुनवाई है। हमने समन भेजकर लड़के को बुलाया था। तब वह लड़की को रखने के लिए राजी हो गया था और दशहरा बाद ले जाने की बात कही थी। हालांकि उसके बाद लड़का पीड़िता को मायके से ले जाने नहीं आया। लड़के को फिर से समन भेजा गया है। इस केस के सुनवाई की अगली तारीख 8 दिसंबर दी गई है।
