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बेटी की हत्या के लिए किडनैपिंग मामले में फैसला: पिता को 7 साल की कठोर सजा, पत्नी शराब पीने से रोकने पर हुआ झगड़ा – Chandigarh News

बेटी की हत्या के लिए किडनैपिंग मामले में फैसला:  पिता को 7 साल की कठोर सजा, पत्नी शराब पीने से रोकने पर हुआ झगड़ा – Chandigarh News


मोहाली जिला अदालत ने पिता को सुनाई सजा

पंजाब के मोहाली में अपनी 11 महीने की बेटी की हत्या के इरादे से किडनैपिंग से जुड़े मामले में जिला अदालत ने पिता को सजा सुनाई है। दोषी आकाश को अदालत ने आईपीसी की धारा 364 (हत्या के इरादे से अपहरण) में 7 साल का कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना व धा

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इस सारे मामले को चार प्वाइंटों में जाने, जो कि इस प्रकार है

शराब पीने से रोकने लड़ाई

12 जुलाई 2022 को मोहाली के मुबारकपुर के त्रिवेदी कैंप में रहने वाला आकाश अपनी पत्नी रिंकी से झगड़ा कर रहा था। क्योंकि वह उसे शराब पीने से रोकती थी। पत्नी के मुताबिक, आकाश ने गुस्से में कहा कि वह बेटी इशिका को मार डालेगा और खुद भी जान दे देगा। रिंकी ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आकाश बच्ची को लेकर भाग गया। रिंकी ने उसका पीछा किया, लेकिन वह उसे पकड़ नहीं सकी।

बच्ची का कोई पता नहीं चला

दो दिन बाद 14 जुलाई 2022 को रिंकी ने डेराबस्सी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आकाश को गिरफ्तार किया और पूछताछ की। पूछताछ में आकाश ने कबूल किया कि उसने इशिका को घग्गर नदी में फेंक दिया। उस समय बरसात का मौसम था और नदी में तेज बहाव था। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च अभियान चलाया, लेकिन बच्ची का शव नहीं मिला। इससे मां रिंकी की उम्मीदें टूट गईं।

मोहाली से बहते हुए घग्गर नदी।

सीसीटीवी फुटेज ने निभाया अहम रोल

सीसीटीवी फुटेज में आकाश शाम 7:27 बजे बच्ची के साथ नदी की ओर जाता और 7:58 बजे अकेला लौटता दिखा। यह सबूत अदालत में अहम साबित हुआ। कोर्ट ने पत्नी की गवाही को विश्वसनीय माना और कहा कि एक मां अपने पति पर ऐसा आरोप तभी लगाती है जब यह सच हो। अदालत ने इसे भरोसेमंद सबूत माना।

अदालत में सजा कम करने के लिए यह दलील रखी

कोर्ट ने यह भी कहा कि आकाश ने बच्ची के गायब होने पर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसलिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 उसके खिलाफ लागू होती है। बचाव पक्ष की वकील ने सीसीटीवी फुटेज की वैधता पर सवाल उठाए। लेकिन अदालत ने उनके सभी तर्कों को खारिज कर दिया।

दोषी ने अपने अलग बयान में कहा कि वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला है और उसके वृद्ध माता-पिता और एक अविवाहित बहन उस पर निर्भर हैं उसने आगे कहा कि वह प्रथम दृष्टया अपराधी है और उसने नरम रुख अपनाने की प्रार्थना की।

2. जबकि पीड़ित पक्ष के वकील ने कहा कि दोषी ने अपनी ही 11 महीने की बेटी इशिका का अपहरण करके गंभीर अपराध किया है ताकि उसकी हत्या की जा सके या उसे ठिकाने लगाया जा सके। उसने उसे छोड़ दिया और उसके बाद, उसका पता नहीं चल पाया है, इसलिए उसके साथ कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए और वह अधिकतम सजा की मांग करता है



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