मुंबई2 मिनट पहले
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मुंबई के वडाला डिपो में बुधवार सुबह एक मोनोरेल ट्रेन ट्रायल के दौरान डिरेल हो गई। ट्रेन का इंजन पटरी से उतरकर हवा में लटक गया। हादसे में ट्रेन कैप्टन समेत तीन कर्मचारी घायल हो गए। हादसा इतना भयानक था कि ट्रेन का निचला ढांचा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मोनोरेल ऑपरेट करने वाली महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMMOCL) ने कहा कि ट्रेन खाली थी। उसमें कोई यात्री नहीं था। सूत्रों के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 9.30 बजे हुई, जब ट्रेन को एक गाइडवे बीम से दूसरे गाइडवे बीम पर ले जाया जा रहा था।
बीम बदलने के दौरान ट्रेन फिसल गई और उनका इंजन दो बीम के बीच हवा में लटक गया। सोशल मीडिया पर हादसे की तस्वीरों और वीडियो में ट्रेन थोड़ी झुकी हुई भी दिखाई दी। शाम को एक भारी क्रेन की मदद से ट्रेन को पटरी से हटाया गया।
3 महीने पहले भी हादसा, 800 यात्री ऊंची ट्रैक पर फंसे थे मुंबई में 3 महीने पहले भी मोनोरेल हादसा हुआ था, जिसमें करीब 800 यात्री दो घंटे तक सड़क से कई फीट ऊंची मोनोरेल ट्रैक पर फंस गए थे। दोनों में क्षमता से अधिक 782 यात्री सवार थे।बारिश के कारण बिजली जाने से ट्रेनें रुक गई थी। एसी बंद होने से 15 यात्रियों का दम घुटने लगा। कुछ बेहोश भी हो गए।
पहली ट्रेन में लगभग 582 यात्री फंसे थे, जिन्हें स्नॉर्कल लैडर लगाकर बचाया गया। लोगों को निकालने के लिए विंडो की कांच तोड़नी पड़ी। दूसरी मोनोरेल को पास के स्टेशन ले जाकर 200 यात्रियों को निकाला गया। यात्री पौने दो घंटे तक फंसे रहे।
