बिहार विधानसभा चुनाव के लिए प्रथम चरण में बेगूसराय में हुए मतदान ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। 2537 बूथ पर मतदान के बाद शाम 7:00 बजे से बाजार समिति में बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम जमा होने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। अब प्रत्याशियों की धड़कन
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पूरे जिले में वोटिंग परसेंटेज
बछवाड़ा- 71.22%
बखरी- 66.88%
बेगूसराय- 66.44%
चेरिया बरियारपुर- 70.18%
मटिहानी- 69.47%
साहेबपुर कमाल- 68.90%
तेघड़ा- 70.14%
7 विधानसभा सीट से 73 प्रत्याशी
बेगूसराय में कुल 73 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला जिले के 21.36 लाख वोटर्स करेंगे, जिसमें से 11 लाख, 34 हजार 376 पुरुष, जबकि 1 लाख, 02 हजार, 323 महिला वोटर्स हैं। वहीं, जिले की 7 विधानसभा सीटों पर 38 थर्ड जेंडर हैं।
स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी।
2020 में साहेबपुर कमाल क्षेत्र में अधिक वोटिंग हुई थी
2020 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र में 58.64, बछवाड़ा में 60.87, तेघड़ा में 60, मटिहानी में 61.10, साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र में 62.77 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। जबकि, बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र में 55.60 प्रतिशत और बखरी (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र में 60.35 प्रतिशत मतदान हुए थे। 2025 में मतदान में लगभग 10 प्रतिशत की हुई वृद्धि है। जो एनडीए और महागठबंधन दोनों दल के प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ने के लिए काफी है।
वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने में कई फैक्टर
पॉलिटिकल एक्सपर्ट का कहना है कि अब तक जब कभी वोटिंग अधिक हुआ है तो वह बदलाव का कारण बना है। इस बार भी अधिक वोट होने से सत्ता परिवर्तन भले ही नहीं हो। लेकिन स्थानीय स्तर पर मतदाताओं के मूड का वर्तमान विधायकों के लिए खतरे की घंटी बन सकती है। इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने में कई फैक्टर काम कर रहा है।
छठ के समय में प्रवासी परदेस से आए थे और छठ के तुरंत बाद मतदान हो रहा था। ऐसे में जाने वाले लोग यहीं रुके रहे। वहीं, सरकार की ओर से महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपए देना, बिजली 125 यूनिट फ्री करना और पेंशन राशि 400 से बढ़ाकर 1100 करना भी मतदाताओं को घर से निकालने में सफल रहा है।
एक साथ 30 हजार रुपए देने की घोषणा
तेजस्वी यादव की ओर से महिलाओं को 2500 प्रत्येक महीना और 14 जनवरी को एक मुश्त 30000 देने की घोषणा भी महिलाओं के मन मिजाज को बदलने के लिए कारगर साबित हुआ है। सभी मतदान केंद्रों पर सुबह से ही सबसे अधिक भीड़ महिलाओं की जुटी रही। महिलाओं ने खाना बनाने से पहले वोट देने का निर्णय लिया था।
हालांकि वोटिंग प्रतिशत किसके पक्ष में अधिक हुआ है, यह कहना अभी मुश्किल है। लाइन में लगे मतदाता दोनों पक्ष की बात कर रहे थे। युवा रोजगार की बात करते रहे तो अधेड़ पलायन को मुद्दा बना रहे थे। महिलाएं विकास और अधिकार की बात करती दिखीं।
चुनाव में कोई हिंसा नहीं
दूसरी ओर मतदान प्रतिशत बढ़ने के साथ ही बेगूसराय ने एक और रिकॉर्ड तोड़ दिया। जिस बेगूसराय में देश की सबसे पहली बूथ लूट की घटना हुई थी, जहां हर चुनाव में हिंसा होते रहता था। वहां इस बार चुनाव आयोग की व्यवस्था और डीएम-एसपी की सूझबूझ से कहीं कोई घटना नहीं हुई। यह भी अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड बन गया।
बेगूसराय की 7 विधानसभा सीटों पर बड़े चेहरों में ये शामिल
बिहार सरकार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह के बेटे सुशील कुमार को राजद ने चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा है।
एनडीए से कौन कहां से प्रत्याशी
- एनडीए गठबंधन में भाजपा ने बेगूसराय से कुंदन कुमार, तेघरा से रजनीश कुमार और बछवाड़ा से सुरेंद्र मेहता को मैदान में उतारा है।
- जदयू ने मटिहानी से सत्तारूढ़ दल के सचेतक राजकुमार सिंह और चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के बेटे अभिषेक आनंद लड़ाया है।
- लोजपा दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिसमें बखरी से संजय पासवान एवं साहेबपुर कमाल से सुरेंद्र विवेक मैदान में हैं।
महागठबंधन से कौन कहां से प्रत्याशी
- महागठबंधन की ओर से राजद तीन सीट पर चुनाव लड़ रही है, जिसमें मटिहानी से चार बार विधायक रहे नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह, साहेबपुर कमाल से सत्तानंद सम्बुद्ध एवं चेरिया बरियारपुर से सुशील कुमार मैदान में है।
- कांग्रेस दो विधानसभा क्षेत्र चुनाव लड़ रही है जिसमें बेगूसराय से अमिताभ भूषण और बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से शिव प्रकाश गरीबदास चुनाव मैदान में है।
- सीपीआई 3 सीट पर चुनाव लड़ रही है, जिनमें बखरी से सूर्यकांत पासवान, तेघरा से रामरतन सिंह और बछवाड़ा से अवधेश राय मैदान में हैं।
नोट- महागठबंधन में बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस एवं सीपीआई दोनों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस ने एकमात्र महिला प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारा है। बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रही अमिता भूषण एक बार फिर विधानसभा चुनाव लड़ रही है।
