राजस्थान के बड़े बांधों में शामिल बीसलपुर डैम ने इस साल 6 रिकॉर्ड बनाए हैं। इस साल बांध से इतनी पानी छोड़ा गया है, जिससे डैम 3 बार भर सकता था।
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इस सीजन में 135 टीएमसी से ज्यादा पानी निकासी बनास नदी में की जा चुकी है। जबकि इससे पहले 2016 में डेढ़ महीने में 134.238 टीएमसी पानी की निकासी की गई थी। बांध का भरना एक करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए फायदेमंद है।
22 साल के इतिहास में पहली बार 100 दिन निकासी
करीब 22 साल पहले बना ये डैम जयपुर, टोंक, अजमेर जैसे जिलों की लाइफलाइन है। इसका भरा रहना, इन जिलों के लोगों के लिएअच्छा है।
खास बात यह है कि अभी भी बांध से पानी की निकासी की जा रही है। गुरुवार को पानी निकासी का 100वां दिन रहा। यह भी पहली बार है जब इतने दिन बांधी से पानी छोड़ा गया है।
लबालब है बीसलपुर बांध
बांध अपनी पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर भरा हुआ है। अभी भी एक गेट को .25 मीटर खोलकर प्रति सेकेंड 1503 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
बीसलपुर बांध परियोजना के AEN दिनेश बैरवा ने बताया कि इस साल अब तक 22 साल के बांध के इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा पानी निकासी 135 टीएमसी से ज्यादा हो चुकी है और अभी भी पानी निकासी जारी है।
साल 2019 में 64 दिन खुले थे गेट
इस साल बीसलपुर बांध लबालब होने पर 24 जुलाई को बांध का एक गेट खोला था। फिर पानी बढ़ा तो कुछ दिन बाद अधिकतम 8 गेट इस साल खोले गए थे।
इसके बाद पानी की आवक कम होने बांध का एकमात्र गेट खोलकर रखा गया, जिसे 90 दिन बाद 21 अक्टूबर को बंद किया था। इसी के साथ बीसलपुर बांध ने लगातार सबसे अधिक 90 दिन पानी निकासी का रिकॉर्ड बनाया था।
इससे पहले 2019 ने 64 दिन तक गेट खोलकर पानी निकासी की थी, अब वह रिकॉर्ड टूट गया है।

बीसलपुर बांध अभी लबालब भरा हुआ है। इस बांध में मछली पालन भी होता है। इससे करीब 6 करोड़ से ज्यादा की सालाना आय सरकार को होती है।
तेज बारिश से बढ़ी आवक, फिर खुले गेट
अक्टूबर महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश होने से बांध में फिर से पानी की आवक बढ़ गई थी। इसके चलते पहली बार बांध के अक्टूबर माह के लास्ट वीक में 28 अक्टूबर को दोपहर को बांध का फिर एक गेट खोला गया।
फिर पानी की आवक बढ़ी तो 30 अक्टूबर को बीसलपुर बांध के 2 गेट खोल दिए। दो दिन बाद शनिवार 1 नवंबर को सुबह 7 बजे 2 में से एक गेट को बंद किया।
अब बांध में पानी की आवक और कम होने पर एक गेट को 25 सेंटीमीटर खोलकर प्रति सेकेंड 1503 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
बांध पूरी तरह लबालब
बीसलपुर बांध परियोजना के XEN मनीष बंसल और JEN दिनेश बैरवा ने बताया कि बांध की भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर तक है। पानी की आवक के अनुसार बांध के लेवल को मेंटेन करते हुए निकासी की जा रही है।

किस साल कितना पानी बनास नदी में छोड़ा
बीसलपुर बांध के गेट अब तक 8 बार खोले जा चुके है। पहली बार इसमें 2004 में पानी रोका गया था और फुल भरने से पहली ही बार इसके गेट खोलकर 26.18 टीएमसी पानी निकासी की गई थी।
इसी तरह फिर 2006 में 43.25 टीएमसी, 2014 में 11.202 टीएमसी, 2016 में 134.238 टीएमसी, 2019 में 93.605 टीएमसी, 2022 में 13.246 टीएमसी, 2024 में 31.433 टीएमसी और इस साल 135 टीएमसी से ज्यादा पानी की निकासी बनास नदी में की गई है।
बांध का कितना पानी किसके लिए आरक्षित
बीसलपुर बांध प्रोजेक्ट के एक्सईएन मनीष बंसल ने बताया कि टोंक जिले में सिंचाई के लिए 8 टीएमसी पानी, पेयजल के लिए 16.2 टीएमसी पानी आरक्षित है। इसके अलावा 8.15 टीएमसी वाष्पीकरण व अन्य खर्च माना गया है।

बांध की भौगोलिक स्थिति
बीसलपुर बांध के 18 गेट हैं जो 15 गुणा 14 मीटर की साइज के हैं। बांध की लंबाई 576 मीटर व समुद्रतल से ऊंचाई 322.50 मीटर है। बांध की कुल जल भराव में 68 गांव डूब चुके हैं।
इसमें 25 गांव पूर्ण रूप से व 43 गांव आंशिक रूप से डूब क्षेत्र में आते हैं। बांध का जलभराव क्षेत्र 25 किलोमीटर है जिसमें कुल 21 हजार 300 हेक्टेयर भूमि जलमग्न होती है।

बीसलपुर बांध में यह टापू बेहद खूबसूरत लगता है। इसे पर्यटन स्थल के रूप के विकसित करने के लिए प्रयास चल रहे है।
83 हजार हेक्टेयर में होती बांध की नहरों से सिंचाई
बीसलपुर बांध के निर्माण के साथ ही इसके नहरी तंत्र का निर्माण भी 2004 में पूरा हुआ था। टोंक जिले में सिंचाई के लिए बांध की 2 मुख्य नहरें हैं।
एक नहर की कुल लंबाई 51.70 किलोमीटर व दूसरी की 18.65 किलोमीटर है। जिनसे जिले की करीब 83 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। मुख्य नहर से 69 हजार 393 हेक्टेयर व दूसरी से 12 हजार 407 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई कार्य होता है।


