हरियाणा स्वास्थ्य मंत्री आरती राव।
हरियाणा में कफ सिरप के निर्माण में स्वीकार्य सीमा से अधिक मात्रा में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) मिला है। इसको लेकर सरकार की ओर से पब्लिक वॉर्निंग जारी की गई है। सरकार की ओर से जारी लेटर में लिखा है कि सीरप में मिलावटी और मानक गुणवत्ता को भी घोषित नहीं
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जिला में ड्रग कंट्रोलर के अधिकारियों को ऐसे सीरपों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने और नमूने लेने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा मेडिकल स्टोर पर यदि ये सीरप मिलते हैं तो उन्हें जब्त कर लिया जाए।

बैन कफ सीरप की डिटेल दी गई
जिन सीरपों में गड़बड़ी मिली है उनमें प्लैनोकुफ डी- सेटिरिज़िन हाइड्रोक्लोराइड, फिनाइलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड और डेक्सट्रोमेथोर्फन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप शामिल हैं। इन सिरपों की बैच संख्या: R25053101 ये है। इस सिरप को मेसर्स श्रेया लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड: 13.14.15 रायपुर, ने बनाया है।
क्यूं अलर्ट हुई है सरकार
मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के इस्तेमाल से 17 बच्चों की मौत हुई। जिसके बाद पंजाब सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री और इसके उपयोग पर रोक लगा दी है। हरियाणा सरकार भी अब कप सिरप की जांच कर करवा रही है। इस संबंधी सेहत विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं।
हरियाणा में नहीं हो रही उन कंपनियों से खरीद
सेहत मंत्री आरती राव ने कहा कि जिस ब्रांड और साल्ट की बात हो रही है, वो हरियाणा सरकार खरीद नहीं कर रही है। हम देख रहे हैं इसका प्रोडक्ट कहां से आ रहा है, हम वहां से कफ सिरप बिल्कुल खरीद नहीं करेंगे। आने वाले समय में हम इस पर नजर रखेंगे। बिना मिलावट वाले साल्ट में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन हम फिर भी नजर रखे हुए हैं।
पंजाब में इसलिए किया गया बैन
पंजाब के सभी खुदरा विक्रेता, वितरक, पंजीकृत चिकित्सक, अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा संस्थान आदि इस प्रोडक्ट की खरीद, बिक्री या इसका उपयोग नहीं करेंगे। यदि राज्य में इसका कोई स्टॉक पाया गया तो इसकी जानकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन को भेजने को कहा गया है। तमिलनाडु में बनी इस सिरप को डायथिलीन ग्लाइकॉल की मिलावट के चलते बैन किया गया है।
