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पानीपत में रिटायर्ड कर्मी 17 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट: साइबर ठगों ने CBI अधिकारी बनकर की वारदात, खाते से उड़ाए 42 लाख – Panipat News

पानीपत में रिटायर्ड कर्मी 17 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट:  साइबर ठगों ने CBI अधिकारी बनकर की वारदात, खाते से उड़ाए 42 लाख – Panipat News


हरियाणा के पानीपत में एक रिटायर थर्मल कर्मचारी से साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर लाखों की ठगी कर ली। साइबर ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच और CBI अधिकारी बताकर 17 दिनों तक वर्चुअल हिरासत (डिजिटल अरेस्ट) में रखा।

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इस दौरान आरोपियों ने उनके बैंक खातों से 42 लाख 70 हजार रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर करा ली। पीड़ित ने साइबर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने बताया है कि ये उनकी जीवन भर की कमाई थी।

ठगों ने 17 दिन तक किसी से फोन तक पर भी बात नहीं करने दी और डिजिटल अरेस्ट रखा- प्रतीकात्मक फोटो।

सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, कैसे बनाया शिकार…

  • पहले मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया: पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित सुभाष चंद्र ने बताया कि वह हिसार में थर्मल पावर में टेक्नीशियन के पद पर तैनात थे। उनके मोबाइल नंबर पर एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया।
  • ठगों ने 2 करोड़ का बताया लेन-देन: इसके बाद कहा कि उन्होंने नरेश नाम के एक व्यक्ति को पकड़ा है, जिसने 5 लाख रुपए में उनका बैंक खाता खरीदकर उसमें 2 करोड़ रुपए का लेन देन किया है।
  • डर की वजह दी खाते की जानकारी: इसके बाद सुभाष चंद्र डर गए और वह साइबर ठगों की बात में आकर उनको पूरी जानकारी देने लगे। उन्होंने अपने खातों की सभी डिटेल साइबर अपराधियों को शेयर कर दी। इसके बाद उनके खाते से अलग-अलग समय में रुपए ट्रांसफर कर लिए गए।
  • फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर की ठगी: पीड़ित सुभाष ने बताया कि फोन कॉल के बाद उनके पास दूसरे मोबाइल नंबर से वीडियो कॉल आया। जालसाजों ने उन्हें डराने के लिए फर्जी पुलिस स्टेशन और CBI से संबंधित दस्तावेज भेजे और धमकी दी कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है।
  • ठगों ने केस से बाहर निकालने का दिया झांसा: डरकर उन्होंने अपने सभी बैंक खातों की डिटेल भेज दी। इसके बाद ठगों ने केस से बाहर निकालने का झांसा दिया। उन्होंने कहा कि उनके सभी बैंक खातों और नकदी की जांच की जा रही है। जिसके लिए पूरा पैसा उनके खाते में भेज दिया जाएगा।
  • किसी से फोन पर भी बात करने से रोका: इसका बाद उनसे कहा गया कि जब तक वेरिफिकेशन चले तब तक किसी से वह फोन कॉल पर बात नहीं कर सकते है। उन्होंने बताया कि उनको 17 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कई किस्तों में अपने पंजाब नेशनल बैंक और पोस्ट ऑफिस बैंक के खातों से कुल 42 लाख 70 हजार रुपए खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
साइबर थाना प्रभारी अजय कुमार।

साइबर थाना प्रभारी अजय कुमार।

SHO बोले- खातों को होल्ड किया जा रहा है साइबर थाना प्रभारी अजय ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। साइबर टीम लगी हुई है। जिन-जिन खातों में रुपए ट्रांसफर हुए है उनको होल्ड किया जा रहा है। लगातार पुलिस टीम संबंधित खातों पर नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि पुलिस जल्द ही खातों में हुए रुपए ट्रांसफर ​को होल्ड कराएंगी।



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