चंडीगढ़ जिला अदालत ने रेप केस में रॉकी को बरी किया है।
पास्टर बजिंदर को रेप मामले में जेल पहुंचाने वाली पीड़िता के पति सरबजीत रॉकी को चंडीगढ़ कोर्ट ने आज बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने यह फैसला तब सुनाया जब पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूत सामूहिक बलात्कार के आरोपों को साबित करने में विफल रहे।
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यह मामला करीब चार साल से चल रहा था। सरबजीत रॉकी और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों ने बताया कि न्यायाधीश ने अदालत के समक्ष पेश किए गए तथ्यों को देखने के बाद उन्हें बरी कर दिया है। इस मामले में, जिस लड़की ने शिकायत दर्ज कराई थी और जिसे पीड़िता बताया गया था, वह खुद इस साजिश में शामिल पाई गई थी।
पत्नी बोली- मैंने कभी हिम्मत नहीं हारी
इसी के चलते अदालत ने रॉकी और अन्य साथियों को बरी कर दिया। सरबजीत की पत्नी ने बताया कि जब यह केस दर्ज हुआ था, उस समय हमारे ऊपर काफी दबाव डाला गया था। लेकिन मैंने कभी हिम्मत नहीं हारी। मैंने उस समय सोच लिया था कि बजिंदर को सजा दिलाकर रहूंगी।
हम सच्चाई के साथ लड़ाई लड़ते रहेंगे
फैसले के बाद सरबजीत रॉकी ने कहा कि उनकी पत्नी ने पास्ट बजिंदर के खिलाफ केस दर्ज कराया था, जिसके बाद पादरी की टीम उन पर दबाव बना रही थी और यह गैंगरेप केस भी उन्हीं झूठे मामलों में से एक था।
रॉकी ने कहा कि अब उन्हें इंसाफ मिल गया है और वह आगे भी सच्चाई के लिए लड़ते रहेंगे। पीड़िता ने कहा कि पादरी पक्ष तरह-तरह के झूठे मामले दर्ज कराकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अदालत ने अब सच्चाई सामने ला दी है।
