खेतों में जलभराव की स्थिती देखने पहुंचे डीसी सचिन गुप्ता।
रोहतक जिले के डीसी सचिन गुप्ता ने महम खंड के विभिन्न गांवों में जल निकासी कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित गांवों में जलभराव के स्थायी समाधान के लिए 10 दिन के भीतर ओपन ड्रेन के प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं, ताकि भवि
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निरीक्षण के दौरान, सैमाण गांव में जलघर के टैंक से गंदे पानी की निकासी न होने पर उपायुक्त ने जनस्वास्थ्य विभाग के महम में तैनात उपमंडल अधिकारी (SDO) सुरजीत सिंह को मौके पर चार्जशीट करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के कार्यकारी अभियंता को गांव वासियों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।
डीसी ने ग्रामीणों से जल निकासी कार्य में जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने का आह्वान किया, ताकि किसान अपनी फसलों की बिजाई कर सकें। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पंप सेट लगवाने के निर्देश भी दिए गए।
खेतों में जलभराव का निरीक्षण करने पहुंचे डीसी।
24 घंटे रोस्टर ड्यूटी लगाने के निर्देश
डीसी ने महम के उप मंडलाधीश को जल निकासी कार्य को निर्बाध रूप से पूरा करने के लिए राजस्व विभाग, सिंचाई विभाग और पुलिस विभाग के कर्मचारियों की 24 घंटे रोस्टर ड्यूटी लगाने को कहा। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति जल निकासी के कार्य में बाधा न डाले।

खेतों में भरे पानी को देखते अधिकारी।
बिजली आपूर्ति के दिए निर्देश
उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से हर खेत से जल निकासी के लिए अस्थायी ट्रेंच (नाली) का निर्माण कर यथाशीघ्र कार्य पूरा करवाने को कहा। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों को नवंबर माह के दौरान संबंधित गांवों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सैमाण गांव में ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना के तहत नियमानुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

मौके पर मौजूद अधिकारी और गांव के लोग।
ये अधिकारी रहे मौजूद
डीसी ने महम के उप मंडलाधीश मुकुंद तंवर, जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल सहित सिंचाई विभाग, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, विकास एवं पंचायत और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ महम खंड के बहलबा, भैणी चंद्रपाल, भैणी सुरजन, सैमाण, भैणी मातो, भैणी महाराजपुर और भैणी भैरों गांवों के खेतों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को आगामी 10 दिन में सभी खेतों से जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
