रेप पीड़िता का केस लड़ने वाले सरकारी वकील फैसले के बारे में बताते हुए।
पंजाब के गुरदासपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट में रेप के मामले में आरोपी को मौत तक जेल की सजा सुनाई गई है। एडिशनल सेशन जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) बलजिंदर सिद्धू की कोर्ट ने गुरुवार को ये फैसला दिया। मौत तक सजा के अलावा दोषी पर तीन लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया ह
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सरकारी वकील हरदीप कुमार ने बताया कि आरोपी ने 2 साल की बच्ची के साथ रेप किया था। दोषी अभिषेक के खिलाफ सिविल लाइन बटाला में 29 जुलाई 2024 को मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई थी। 26 सितंबर को कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ। अब 15 महीने की सुनवाई के बाद जज ने फैसला सुनाया है।
सरकारी वकील हरदीप कुमार केस के बारे में जानकारी देते हुए।
माता-पिता को भरोसे में लेकर बच्ची से गलत काम किया वकील ने बताया कि पुलिस में दर्ज शिकायत में बच्ची के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि 29 जुलाई 2024 को उनकी बच्ची के साथ गलत काम किया गया। बच्ची की मां ने बताया था कि वह लोगों के घरों में काम करती है। जबकि पति मजदूरी करते हैं। जब पति मजदूरी करके घर आते हैं तो वो बच्ची को पिता के हवाले कर काम पर जाती थी। 29 जुलाई की शाम को दोषी अभिषेक उसके पास आया और कहने लगा कि आप बच्ची को उसे सौंपकर काम पर जा सकती हैं।
शाम करीब साढ़े 5 बजे वो अपनी बच्ची को अभिषेक को सौंपकर काम पर चली गई। जब 1 घंटे बाद वापस आई तो अभिषेक वहां नहीं था। उसकी बेटी घर पर रो रही थी। जब उसने ध्यान से देखा तो उसे पता चला कि अभिषेक ने उसकी बेटी के साथ गलत किया है और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने बयान दर्ज करने के बाद अभिषेक के खिलाफ पॉस्को एक्ट में मामला दर्ज किया।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले की कॉपी।
मैं फैसले से खुश हूं, ऐसे लोगों को जेल में मरना चाहिए बच्ची की मां ने फैसला आने के बाद कहा कि वह कोर्ट के फैसले से खुश है। ऐसे लोगों को जेल में ही मरना चाहिए। खुले समाज में ऐसे लोग और बच्चियों को भी अपना शिकार बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि उसे पहले दिन से पुलिस ने सहयोग किया और गरीब होने से चलते सरकारी वकील मिला। मुझे आज न्याय मिल गया है। मूल रूप से नेपाल और अब बटाला में रह रहा था आरोप
रेप का आरोपी मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है। कोर्ट की तरफ से गुरदासपुर जेल सुपरिंटेंडेंट को भेजी गई फैसले की कॉपी में उसका पता नेपाल का बसकतिया जिला बजाग लिखा है। आरोपी क्राइम के वक्त बटाला के रणजीत नगर में रह रहा था।
कोर्ट ने जेल सुपरिंटेंडेंट को फैसले की कॉपी मार्क करते हुए लिखा है कि इसकी नेचुरल लाइफ अब जेल में ही बीतेगी। इससे 3 लाख रुपए जुर्माना भी वसूला जाए।
