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जालंधर अंबेडकर नगर में घर गिराने पर नहीं हुआ फैसला: अगली सुनवाई 21को , 800 मकान गिराए जाने हैं, राजनीतिक हल भी नहीं मिल पाया – Jalandhar News

जालंधर अंबेडकर नगर में घर गिराने पर नहीं हुआ फैसला:  अगली सुनवाई 21को , 800 मकान गिराए जाने हैं, राजनीतिक हल भी नहीं मिल पाया – Jalandhar News


जालंधर का अंबेडकर नगर जिसे गिराने के लिए मोहल्ले के लोगों का पावरकॉम के साथ केस चल रहा है।

पंजाब में जालंधर के चौगिट्टी चौक के पास बसे अंबेडकर नगर में 800 घर गिराने के मामले में जालंधर सेशन कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अंबेडकर नगर कमेटी को अगली तारीख 21 नवंबर दे दी गई है। मोहल्ले की कौंसलर के बेटी जतिंदर जोनी ने कहा कि

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अंबडेकर नगर की कौंसलर के बेटी जतिंदर जोनी।

कमेटी का गठन, वही करेगी मामले की पैरवी जतिंदर जोनी ने कहा कि अंबेडकर नगर में मोहल्ला बचाओ कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी में 6 मेंबर हैं। वही कोर्ट में मामले की पैरवी कर रहे हैं। कमेटी की तरफ से वकील को अपने सभी डॉक्यूमेंट सौंपे जा चुके हैं। कोर्ट से अभी तारीख पर तारीख ही मिल रही है। इससे पहले भी वह कोर्ट गए थे तब 14 नवंबर की डेट मिली थी। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एक हफ्ते बाद की डेट डाल दी गई है।

कमेटी मेंबर पवन कुमार ने पूरे मसले के बारे में जानकारी दी।

कमेटी मेंबर पवन कुमार ने पूरे मसले के बारे में जानकारी दी।

पावरकॉम ने 65 एकड़ जमीन पर किया है मलकियत का दावा पावरकॉम का दावा है कि जहां अंबेडकर नगर बसा है वहां की 65 एकड़ जमीन विभाग की है। इस पर लोगों का कब्जा है। अंबेडकर नगर के सुरजन सिंह ने इस मसले में बताया था कि उनका 1986 से बिजली बोर्ड के साथ केस चल रहा है। 2 बार हम केस जीत चुके हैं। चौथी पीढ़ी यहां पर रह रही है। करीब 800 घर यहां हैं। मुझे यहां 50 साल हो गए। एक-एक ईंट जोड़कर घर बनाए हैं। अब उजड़ जाएंगे तो कहां जाएंगे।

मोहल्ले में मंदिर-गुरुद्वारा, PM आवास योजना के घर भी सुरजन ने कहा कि अंबेडकर नगर में मंदिर, गुरुद्वारा और चर्च बने हैं। इन सभी गुरुघरों का उद्घाटन जालंधर के नेताओं के हाथों से हुआ है। क्या तब किसी को ये पता नहीं था कि ये जमीन पावरकॉम की है। तब पावरकॉम के अधिकारियों ने किसी के साथ भी ऑब्जेक्शन नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर हम कब्जे की जमीन पर हैं तो हमारे यहां 150 के करीब घरों को PM आवास योजना के तहत ग्रांट कैसे मिल गई। गलियों के लिए ग्रांट कैसे मिली। सीवरेज किस आधार पर बिछा, बिजली के कनेक्शन क्या देखकर दिए गए। बिजली के कनेक्शन तो खुद पावरकॉम ने ही दिए हैं। ट्रांसफॉर्मर भी लगाया है।



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