मुख्य बातें

MP में हरियाणा का किसान उगा रहा कपास: सालाना 30 लाख तक मुनाफा, इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ 22 एकड़ में लगाई फसल – Katni News

MP में हरियाणा का किसान उगा रहा कपास:  सालाना 30 लाख तक मुनाफा, इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ 22 एकड़ में लगाई फसल – Katni News


हरियाणा के शख्स ने मध्यप्रदेश आकर इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़कर कपास की खेती शुरू की है। इससे वह 30 लाख रुपए सालाना कमा रहा है। इससे पहले, प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर 20 से 30 हजार रुपए प्रति महीना कमा रहा था, लेकिन कुछ अलग करने की चाहत ने उसे खेती से ज

.

दैनिक भास्कर की स्मार्ट किसान सीरीज में इस बार बात करते हैं कटनी के किसान वजीर सिंह की। वह 22 एकड़ में कपास की खेती कर रहे हैं। वजीर मूलतः ग्राम लक्ष्मणपुरा जिला रिवाड़ी हरियाणा के रहने वाले हैं। वह साल 2021 से कटनी के विलायत कलां ग्राम में खेती कर रहे हैं। हरियाणा से मध्यप्रदेश आने की कहानी वजीर सिंह से जानते हैं…

वजीर सिंह ने 22 एकड़ में कपास की खेती की है।

​इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़कर खेती की राह चुनी वजीर सिंह बताते हैं कि परिवार शुरू से ही खेती पर निर्भर है। हरियाणा के हिसार जिले से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई साल 2001 में पूरी की। इसके बाद गुजरात में प्राइवेट कंपनी में बतौर इंजीनियर नौकरी करने लगा। कंपनी में डीजल-पेट्रोल और गैल लाइन के पाइप हम बनाते थे।

वहां हर महीने 20 हजार से 25 हजार तनख्वाह मिलती थी। नौकरी में अक्सर दूसरों के इशारों पर काम करना पड़ता था। साथ ही, कंपनी के तरह-तरह के ताने और अन्य उलझनें अलग से होती हैं। पैसे भी उतने नहीं मिल पा रहे थे, जितनी जरूरत थी। इस वजह से खेती करने का फैसला लिया।

साल 2014 में जॉब छोड़कर हरियाणा स्थित गांव वापस आ गया। खेती को आगे बढ़ाने के लिए जमीन तलाश रहा था। पता चला कि मध्यप्रदेश कपास की खेती के लिए ठीक है, इसलिए मैंने साल 2018 में कटनी में 26 एकड़ जमीन खरीदी।

2018 से 2020 तक गेहूं, धान और सरसों की खेती भी की। इन फसलों में अधिक मुनाफा नहीं हुआ। इससे साल 2021 से व्यवस्थित तरीके से कपास की खेती करना शुरू कर दिया। पिछले 4 साल से कपास की ही खेती कर रहा हूं।

किसान ने कहा कि हरियाणा में बड़े पैमाने पर खेती करने के लिए पर्याप्त जमीन नहीं थी। इसके अलावा, हरियाणा में पिछले कुछ साल में फसलों और इंसानों में बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं। कपास की फसल के लिए हरियाणा की जलवायु इतनी बेहतर नहीं है, जितनी यहां की है।

यहां की मिट्टी और जलवायु दोनों ही कपास के लिए फायदेमंद हैं, इसलिए कटनी में जमीन खरीदी है। अब और जमीन भी तलाश रहे हैं, जिससे फसल का उत्पादन बढ़ा सकें। इसके बाद यहां परिवार को भी शिफ्ट करेंगे।

एक एकड़ में करीब 20 हजार रुपए की लागत आती है। 15 से 16 क्विंटल उत्पादन होता है।

एक एकड़ में करीब 20 हजार रुपए की लागत आती है। 15 से 16 क्विंटल उत्पादन होता है।

सालाना 25 लाख से 30 लाख तक मुनाफा वजीर कहते हैं कि ​कपास की फसल अन्य फसलों के मुकाबले कम खर्च में अधिक मुनाफा देती है। इसमें मेहनत भी लगती है। प्रति एकड़ पर करीब 20 हजार रुपए की लागत आती है। 15 से 16 क्विंटल उत्पादन होता है। फिलहाल, साढ़े 7 से 8 हजार प्रति क्विंटल भाव चल रहा है। 22 एकड़ में कपास की फसल लगाई है, जिसमें करीब 4 लाख की लागत आई है। इसमें 25 लाख से 30 लाख तक मुनाफा मिलने की संभावना है।

नागपुर में बेची जाती है कपास किसान ने कहा कि इस क्षेत्र सिर्फ कपास की फसल बड़े पैमाने पर करता हूं। इस वजह से ट्रांसपोर्टिंग में दिक्कत होती है। फसल टूटने के बाद इसे ट्रक में लोड करके महाराष्ट्र के नागपुर के मनसर ले जाया जाता है। वहां कपास की मंडी और कई मिल हैं। यहां सही दाम मिलने पर बिक्री की जाती है। अगर कटनी जिले में भी लोग कपास की खेती शुरू कर दें, तो यहां मंडी और मिलें भी बनेंगी, जिससे यहीं पर फसल का उचित भाव मिल जाएगा।

वजीर सिंह के बेटे भी उनकी मदद करते हैं।

वजीर सिंह के बेटे भी उनकी मदद करते हैं।

कपास की फसल में इन बातों का रखें ध्यान वजीर सिंह बताते हैं कि खेती के लिए वही जगह चुनें, जहां जंगली जानवर जैसे बंदरों से बचा जा सके। इसके अलावा, समय-समय पर दवा का छिड़काव करते रहें, ताकि पौधों में बीमारी और कीड़े मच्छर हावी ना हो सकें। इस फसल की दो रोज देखरेख करनी पड़ती है।

फसल लगाने और तोड़ने का सही समय कपास की फसल लगाने का सही समय जून और जुलाई का महीना है। फसल लगाने के बाद एक एकड़ में करीब 40 से 50 किलो सल्फर, पोटाश, यूरिया और डीएपी को मिक्स करके डालना पड़ता है। साथ ही, बारिश के सीजन के कारण पानी देने की जरूरत तो नहीं पड़ती, लेकिन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह और नवंबर के शुरुआत में इसे एक या दो बार पानी दे सकते हैं। इसके बाद इसे तोड़ा जाता है।

ये भी पढ़ें…

खेती का नया मॉडल अपनाया, जैविक फसलें लगाईं, लाख रुपए सालाना प्रॉफिट

सिवनी मालवा के किसान गिरिराज अग्रवाल ने आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती का नया मॉडल तैयार किया है। इसके जरिए उन्होंने 22 एकड़ में नीलगिरि क्लोन पौधे, हल्दी, आंवला, इलायची, चीकू, आम, कटहल, सागौन, पपीता और नींबू की फसल तैयार की है। इससे 32 लाख रुपए सालाना कमा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *