राज्य के कई जिलों में पहाड़ों से आ रही उत्तरी हवाओं ने सर्दी को अचानक तीखा कर दिया है। शनिवार को रांची के मैक्लुस्कीगंज में पारा 6 डिग्री पर पहुंच गया, जो सीजन का सबसे कम तापमान है। गुमला में भी न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घं
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मौसम विभाग ने रविवार को रांची, रामगढ़, बोकारो, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
अहले सुबह कई जगहों पर कुहासा छा रहा है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
रांची का न्यूनतम तापमान शनिवार को 11 डिग्री था, जो रविवार को गिरकर लगभग 9 डिग्री रहने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार सुबह और देर रात ठंड और अधिक कड़ाके की होगी, जबकि दिन में मौसम शुष्क बना रहेगा।
इन जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे
राज्य के कई इलाकों में पारा तेजी से नीचे गिरा है। डालटनगंज 9.1 डिग्री, बोकारो 9.6 डिग्री, हजारीबाग 9.3 डिग्री, लोहरदगा 8.6 डिग्री, खूंटी 7.7 डिग्री और सिमडेगा 8 डिग्री पर पहुंच गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बोकारो में 7 डिग्री, गुमला में 6.2 डिग्री, डालटनगंज में 6 डिग्री और जमशेदपुर में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।

रविवार को राज्य के 12 जिलों में मध्यम से तेज शीतलहर की आशंका है। विभाग का कहना है कि न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री तक जा सकता है, जिससे सर्दी का असर और गहरा होगा। लोगों से खासकर सुबह के समय अतिरिक्त सतर्क रहने को कहा गया है, क्योंकि इसी दौरान तापमान सबसे तेजी से नीचे जाता है। ठंड से सेहत प्रभावित होने का खतरा रहता है।
डॉक्टरों की अपील – बच्चे और बुजुर्ग विशेष सावधानी बरतें
तेजी से गिरते तापमान को देखते हुए डॉक्टरों ने आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को बिना गर्म कपड़ों के घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों का कहना है कि सुबह और शाम के समय शरीर पर ठंड का असर ज्यादा होता है, ऐसे में हल्की सर्दी भी अचानक बढ़ सकती है।

डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचने की सलाह दी है।
वहीं मौसम विभाग ने भी चेताया है कि अगले 24 घंटों में ठंड के और बढ़ने की संभावना है। राज्य के अधिकांश जिलों में ठंडी हवा की तीव्रता बनी रहेगी और तापमान सामान्य से काफी नीचे रह सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया कि मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन हवा की गति के कारण ठंड का एहसास ज्यादा होगा। लोग अलाव, हीटर, गर्म कपड़ों और समय पर भोजन के जरिए खुद को सुरक्षित रखें।
