मॉस्को7 मिनट पहले
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विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मंगलवार को मॉस्को में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को रूस की राजधानी मॉस्को में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। बैठक के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत-रूस संबंध लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्थिरता की वजह रहे हैं।
जयशंकर ने कहा- भारत और रूस का विकास न केवल दोनों देशों का आपसी हित है, बल्कि यह विश्व के हित में भी है। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय समझौते, परियोजनाएं और नई पहलें अंतिम चरण में हैं, जिनसे ‘स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ और मजबूत होगी।
जयशंकर के बयान को सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए भारत के मैसेज के तौर पर देखा जा रहा है। ट्रम्प ने इस साल अगस्त में रूस से क्रूड ऑयल यानी कच्चा तेल खरीदने के कारण भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया था। हालांकि, भारत ने ट्रम्प की बार-बार आपत्तियों के बावजूद रूस से तेल खरीदना जारी रखा है।
जयशंकर बोले- दोनों देशों में नए समझौतों पर अंतिम चरण में चर्चा
जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री के साथ बैठक के दौरान बताया कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, अंतरिक्ष, विज्ञान और रक्षा सहित कई क्षेत्रों में नए समझौते और प्रोजेक्ट चर्चा के अंतिम चरण में हैं। दोनों देश जटिल वैश्विक हालात, जैसे यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया और अफगानिस्तान की स्थिति पर भी खुलकर चर्चा कर रहे हैं।
बता दें कि जयशंकर PM नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारी को लेकर मॉस्को दौरे पर हैं। वे 18 नवंबर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक में भारत का नेतृत्व करेंगे। रूसी PM मिखाइल मिशुस्तिन इसकी मेजबानी करेंगे।
ट्रम्प बोले- रूस से तेल आयात में कटौती पर टैरिफ घटाएंगे
डोनाल्ड ट्रम्प ने 17 नवंबर को कहा था कि अमेरिका भारत पर टैरिफ कम कर सकता है क्योंकि उसने रूस से अपने तेल आयात में कटौती की है। ट्रम्प ने कहा- भारत पर ऊंचे टैरिफ रूसी तेल खरीदने की वजह से लगाए गए थे, लेकिन अब भारत ने रूसी तेल की खरीद बहुत कम कर दी है। अमेरिका धीरे-धीरे टैरिफ कम करेगा।
