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इंटेलिजेंस फेलियर से पल्ला झाड़ रही फरीदाबाद पुलिस: DCP का तर्क-फर्टिलाइजर की जांच कैसे करते; अब NIA की मदद करेगी SIT – Faridabad News

इंटेलिजेंस फेलियर से पल्ला झाड़ रही फरीदाबाद पुलिस:  DCP का तर्क-फर्टिलाइजर की जांच कैसे करते; अब NIA की मदद करेगी SIT – Faridabad News


दिल्ली ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों के निशाने पर आई फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी पर अब स्वास्थ्य विभाग भी शिकंजा कसने की तैयारी में लग गया है।

दिल्ली ब्लास्ट से महीनों पहले फरीदाबाद के धौज और फतेहपुरा तगा में भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक जमा हुए। जम्मू-कश्मीर को लीड मिलने के बाद इनकी बरामदगी हुई। बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि लोकल इंटेलिजेंस कैसे फेल हो गई?

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इसके जवाब में फरीदाबाद पुलिस के डीसीपी हेडक्वार्टर अभिषेक जोरवाल का कहना है कि फर्टिलाइजर की खरीद करने के लिए कोई रोक-टोक नहीं है। तो पुलिस इसकी जांच कैसे कर पाती। दिल्ली ब्लास्ट के 10 दिन बाद फरीदाबाद पुलिस की एंट्री भी अब अल फलाह यूनिवर्सिटी के मामलों में हो चुकी है।

फरीदाबाद पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। ACP क्राइम वरूण दहिया की अगुआई में एसआईटी काम करेगी। इसमें DCP क्राइम मुकेश मल्होत्रा, तिगांव ACP अशोक वर्मा, DLF क्राइम ब्रांच प्रभारी रमेश और सेक्टर-30 क्राइम ब्रांच प्रभारी अनिल शामिल हैं।

अब हेल्थ विभाग की एंट्री के बाद साफ हो गया है कि हेल्थ विभाग भी अपना शिकंजा यूनिवर्सिटी पर कसने की तैयारी कर रहा है।

NIA और लोकल SIT गठित होने की मुख्य बातें…

  • यूनिवर्सिटी कैंपस में रखे गए थे हथियार: NIA इस एंगल को लेकर भी जांच कर रही है कि आतंकी मॉड्यूल ने यूनिवर्सिटी को इतने साल तक कैसे ठिकाना बनाए रखा? इसकी भनक कैसे नहीं लगी? इस मामले में स्थानीय पुलिस का खुफिया तंत्र क्यों फेल रहा है? डॉ मुजम्मिल की गाड़ी से हथियार भी बरामद हुए थे। इन हथियारों को पहले यूनिवर्सिटी में रखा गया था।
  • कई पुलिस नाकों से गुजरा अमोनियम नाइट्रेट: दिल्ली धमाके में प्रयोग किया गया विस्फोटक धौज व फतेहपुरा तगा गांव से गया था। धौज गांव में विस्फोटक सोहना से नूंह वाले रास्ते से आया था। धौज से आगे सीधा रास्ता सोहना तक है। सोहना से नूंह सीधी रोड है। धौज से सोहना के बीच में पुलिस नाका रहता है। सोहना की IMT के पास भी नाका है। नूंह में भी नाकेबंदी रहती है। धौज गांव में भी थाने के सामने नाका लगता है। इन सभी नाकों से होकर अमोनियम नाइट्रेट गुजरा है।
  • पुलिस थी अनजान या लापरवाही बरती, इसकी जांच नहीं: अमोनियम नाइट्रेट जो विस्फोट में शामिल किया गया था, इसे लेकर पुलिस अनजान थी या लापरवाही बरती? इस दिशा में पुलिस जांच नहीं कर रही है। फरीदाबाद पुलिस के DCP हेडक्वार्टर अभिषेक जोरवाल का कहना है कि फर्टिलाइजर की खरीद करने के लिए कोई रोक-टोक नहीं है। इसको कहीं ले जाया जा सकता है, पुलिस इसकी जांच कैसे कर पाती।
  • NIA को परेशानी न हो, इसलिए लोकल SIT गठित: जम्मू पुलिस द्वारा उनको जो जानकारी दी गई, पुलिस ने उसकी के अनुसार काम करते हुए गांव धौज और फतेहपुर तगा से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री को बरामद कर लिया। इस केस की जांच NIA कर रही है, लोकल पुलिस केवल इसमें सहयोग कर रही है। जिसके लिए SIT का गठन किया गया है। ताकि NIA को जांच के दौरान कोई परेशानी न हो।
दिल्ली ब्लास्ट के 10 दिन बाद फरीदाबाद पुलिस की एंट्री भी अब अल फलाह यूनिवर्सिटी के मामलों में हो चुकी है। फरीदाबाद पुलिस के द्वारा SIT का गठन किया गया है।

दिल्ली ब्लास्ट के 10 दिन बाद फरीदाबाद पुलिस की एंट्री भी अब अल फलाह यूनिवर्सिटी के मामलों में हो चुकी है। फरीदाबाद पुलिस के द्वारा SIT का गठन किया गया है।

अल फलाह यूनिवर्सिटी की जांच में हेल्थ विभाग की एंट्री दिल्ली ब्लास्ट के 10 दिन बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी में हेल्थ विभाग की एंट्री हो गई है। अभी तक केवल स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसी ही यहां पर पहुंच रही थी। शुक्रवार को फरीदाबाद हेल्थ विभाग की टीम अधिकारियों के साथ यूनिवर्सिटी के अस्पताल में जांच के लिए पहुंची। डिप्टी सीएमओ डॉ सुशील अहलावत और डॉ रामभगत टीम के साथ अस्पताल में पहुंचे। टीम ने पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमेस्ट्री लैब की जांच की। अस्पताल की इन लैब में कौन से टेस्ट हो रहे हैं और उनका तरीका सही है या नहीं, इसकी जांच की गई। टीम ने अस्पताल में लगी हुआ पीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड मशीन का रजिस्ट्रेशन हुआ है या नहीं, इसको लेकर भी जांच की। अस्पताल में रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या को लेकर जानकारी ली गई ।

हॉस्टल और कैंटीन पहुंची हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम अस्पताल में में बनाए गए बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल में पहुंची। जहां पर कमरों की साफ-सफाई और हॉस्टल व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। पानी के भी सैंपल लिए हैं। स्टूडेंट्स को मिलने वाले खाने की जांच के लिए कैंटीन में हैल्थ की टीम ने पहुंच खाद्य सामग्री के सैंपल कलेक्ट किए है। स्वास्थ्य विभाग इस रिपोर्ट को तैयार करने के बाद जिला प्रशासन को इस रिपोर्ट को सौंपेगा

गांव धौज में मीडिया का विरोध करते हुए स्थानीय निवासी

गांव धौज में मीडिया का विरोध करते हुए स्थानीय निवासी

लोगों के गुस्से का शिकार बन रहे मीडियाकर्मी आंतक के इस नेटवर्क में शामिल गांव धौज और फतेहपुर तगा के कई लोगों को जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया हुआ है। इन गांव में लगातार जांच एजेंसी पहुंच रही हैं। जिसके बाद अब स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूटने लगा है। इन गांव से यूनिवसिर्टी में काम करने वाले कई लोगों को हिरासत में रखा गया है।

गांव धौज में जहां पर अमोनियम नाइट्रेट रिफाइन करने की मशीन को बरामद किया और एक टैक्सी ड्राइवर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। वहीं गली में जब मीडिया कर्मचारी कवरेज कर रहे थे तो उनके साथ लोगों ने बदतमीजी की और कवरेज करने से भी रोका गया। यहां तक कि मीडिया कर्मचारी को धक्का दिया गया। एक मीडियाकर्मी के कैमरामैन का कैमरा भी तोड़ दिया गया।

लोग बोले-डॉक्टरों ने गलत इस्तेमाल किया, पुलिस हमें परेशान कर रही लोगों का कहना है कि आंतक के इस नेटवर्क से उनके गांव के लोगों का कोई लेना-देना नहीं है। डॉक्टरों ने उनके लोगों का इस्तेमाल किया है। इन सबके आरोपी डॉ. मुजम्मिल और उसके साथी हैं। लेकिन अब पुलिस रात को भी उनके घरों के बाहर चक्कर लगा रही है। उनके गांव का नाम लगातार बदनाम किया जा रहा है।



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