पलामू जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र के पठलौटिया गांव में 21 वर्षीय शलेहा खातून की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पति समेत पूरे ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की मां नूरजहां ब
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आवेदन में नूरजहां बीवी ने बताया कि उन्होंने बेटी शलेहा का निकाह 15 जुलाई को कुड़वा खुर्द-पठलौटिया निवासी मुबारक अंसारी के साथ किया था। निकाह के समय स्वेच्छा से 6 लाख रुपए नगद, फर्नीचर और अन्य उपहार दिए थे।
दहेज न देने पर शलेहा को लगातार प्रताड़ित किया जाता था: मां
निकाह के कुछ ही दिनों बाद पति मुबारक अंसारी, उसके पिता रशीद अंसारी, भाई मुख्तार अंसारी, भाभी रुकैया बेगम, मां हजार बेबी और बहन रेशमा खातून ने अतिरिक्त 6 लाख रुपए और सोने की चेन की मांग शुरू कर दी। दहेज न देने पर शलेहा को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। जब परिजन बेटी को साथ लाने पहुंचे, तो ससुराल वालों ने मना कर दिया और धमकी दी कि शिकायत करने पर बेटी को जान से मार देंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा।
पीड़िता के पति के मोबाइल से नूरजहां बीवी को फोन आया। फोन पर एक महिला ने शलेहा के छत से गिरकर बेहोश होने की बात कही। परिजन जब मौके पर पहुंचे, तो शलेहा का शव एक चौकी पर पड़ा मिला। मां ने दावा किया कि शलेहा के गाल पर उंगलियों और पंजे के काले-लाल निशान, गर्दन पर दबाव के निशान और कपड़े बदले जाने के प्रमाण मिले।
परिजनों ने तत्काल पंचायत प्रतिनिधियों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, तब तक पूरा ससुराल परिवार घर छोड़कर फरार हो चुका था। शलेहा के पिता यूसुफ अंसारी, जो पंजाब में मजदूरी करते हैं, बेटी की हत्या की सूचना पर गांव लौटे। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है और रिपोर्ट आने के बाद मामले में गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की संभावना है।
