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हरियाणा में आज दो घंटे ओपीडी नहीं चलेगी: डॉक्टरों की हड़ताल से अलर्ट; एक्स्ट्रा स्टाफ लगाने के निर्देश; CMO-PMO अस्पतालों में मौजूद रहेंगे – Haryana News

हरियाणा में आज दो घंटे ओपीडी नहीं चलेगी:  डॉक्टरों की हड़ताल से अलर्ट; एक्स्ट्रा स्टाफ लगाने के निर्देश; CMO-PMO अस्पतालों में मौजूद रहेंगे – Haryana News


सरकारी अस्पतालों की ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की लंबी लाइन। फाइल फोटो

हरियाणा में आज डॉक्टरों की दो घंटे पेन डाउन हड़ताल को लेकर सरकार अलर्ट हाे गई है। सरकार की ओर से जिला अस्पतालों में एक्स्ट्रा स्टाफ बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी जिला अस्पतालों में सीएमओ और पीएमओ की अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की हिदायत दी

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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) ने ये ऐलान किया है। इससे पहले डॉक्टरों ने मंगलवार को ओपीडी बंद करने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुरुक्षेत्र दौरे के मद्देनजर हड़ताल स्थगित कर दी गई।

सभी जिलों के लिए गाइडलाइन जारी

स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुधीर राजपाल ने सभी सिविल सर्जन और पीएमओ को ओपीडी सेवाएं सुचारू रूप से बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और राज्यभर में सभी इमरजेंसी सेवाएं संचालित रहेंगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सिविल सर्जन और पीएमओ को पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी मरीज को असुविधा का सामना न करना पड़े। पेन डाउन स्ट्राइक के चलते राज्य स्तर पर व्यापक गाइडलाइन भी जारी की गई हैं और उनका पालन करते हुए जिलों ने आवश्यक कदम उठाए हैं।

कंसल्टेंट्स की सेवा लेने के निर्देश

मरीजों की सुविधा के लिए 58 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद लगाए गए सभी कंसल्टेंट्स की सेवाओं को सुनिश्चित किया जाए। इस स्ट्राइक के चलते सभी कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मेडिकल ऑफिसर की भी सेवाएं ली जाएं। सभी डिप्टी सिविल सर्जन एवं एसएमओ को ओपीडी सेवाओं में ड्यूटी देने के निर्देश दिए गए हैं।

आरबीएसके के लगभग 400 डॉक्टर भी ओपीडी सेवाओं में ड्यूटी पर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सभी इमरजेंसी सर्विस चालू रहेंगी। सभी सीएमओ और पीएमओ ज़िला अस्पतालों में मौजूद रहेंगे ताकि मरीजों को बिल्कुल भी परेशानी न हो।

SMO पर सीधी भर्ती रोक की मांग

एसोसिएशन वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (SMO) की सीधी भर्ती पर तत्काल रोक लगाने और संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति (एसीपी) संरचना जारी करने की मांग कर रही है, जिसे सीएम ने मंजूरी दे दी है, लेकिन वित्त विभाग के पास लंबित है।एचसीएमएसए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया ने बताया, आपातकालीन, प्रसव कक्ष और ऑपरेशन को छोड़कर सभी ओपीडी सेवाएं स्थगित रहेंगी। एसएमओ की सीधी भर्ती की सरकार की योजना का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि 2012 के बाद से ऐसी कोई भर्ती नहीं हुई है।

विज ने भर्ती नहीं होने के दिए थे आदेश

​​​​​​​ख्यालिया ने बताया, 3 जून 2021 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आदेश दिया था कि एसएमओ की सीधी भर्ती नहीं की जाएगी और मौजूदा डॉक्टरों को पदोन्नति के अवसर दिए जाएंगे। अब सरकार एसएमओ की सीधी भर्ती करने की योजना बना रही है।एसोसिएशन ने संशोधित एसीपी ढांचे को अधिसूचित करने में देरी पर भी चिंता जताई, जिससे उनका वेतनमान मौजूदा 8,700 रुपए से बढ़कर 9,500 रुपए हो जाएगा, जिससे वे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के बराबर हो जाएंगे।

इसलिए कर रहे सीधी भर्ती का विरोध

​​​​​​​एसोसिएशन के राज्य कोषाध्यक्ष डॉ. दीपक गोयल ने बताया, वर्तमान में एक सिविल सर्जन भी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर से कम वेतन पाता है। मुख्यमंत्री ने संशोधित ढांचे को मंजूरी दे दी है, लेकिन वित्त विभाग ने अभी तक अधिसूचना जारी नहीं की है।उन्होंने बताया कि वे स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक से मिले थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा, हमने अपनी समस्याओं को उठाने के लिए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से समय मांगा है।



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