मुख्य बातें

बिलासपुर में उल्लास महापरीक्षा, 90% असाक्षर शामिल: कलेक्टर के आमंत्रण पर सास-बहू और बुजुर्गों ने दी परीक्षा – Bilaspur (Chhattisgarh) News

बिलासपुर में उल्लास महापरीक्षा, 90% असाक्षर शामिल:  कलेक्टर के आमंत्रण पर सास-बहू और बुजुर्गों ने दी परीक्षा – Bilaspur (Chhattisgarh) News


बिलासपुर में उल्लास नवभारत महापरीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें 90 प्रतिशत असाक्षर शिक्षार्थियों ने आकलन परीक्षा में भाग लिया। इस परीक्षा में सास-बहू और बुजुर्ग दम्पत्तियों जैसे दिलचस्प नजारे देखने को मिले। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले भर के

.

असाक्षरों को स्वयंसेवकों द्वारा निःशुल्क 200 घंटे का अध्ययन कराया गया, जिसमें प्रवेशिका के सातों भाग शामिल थे। उन्हें पढ़ने-लिखने और संख्यात्मक ज्ञान की जानकारी दी गई। इसका आकलन एफएलएनएटी (बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान) परीक्षा के माध्यम से किया गया।

इस आकलन परीक्षा में शामिल होने के लिए असाक्षरों ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच अपने काम-धंधे छोड़कर परीक्षा केंद्रों पर उपस्थिति दर्ज कराई। यह उनकी साक्षर बनने की प्रबल इच्छा को दर्शाता है।

बिलासपुर जेल के 100 असाक्षर बंदी परीक्षा में हुए शामिल

केंद्रीय जेल बिलासपुर के 100 असाक्षर बंदी, जिनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल थे, भी उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के तहत अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद इस महापरीक्षा अभियान में शामिल हुए। इन बंदियों को जेल के शिक्षित बंदियों ने ही पढ़ना-लिखना सिखाया था। जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने जिला परियोजना अधिकारी के साथ केंद्रीय जेल में चल रही परीक्षा का निरीक्षण किया।

छत्तीसगढ़ में एक विशेष प्रावधान के तहत, ऐसे 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को, जो 10 असाक्षरों को पढ़ाने-लिखाने का कार्य कर रहे हैं, उनकी बोर्ड परीक्षा में 10 बोनस अंक दिए जाएंगे। इस परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक ने अलग से ऑब्जर्वर और जिला स्तर पर निरीक्षण दल का गठन किया था।

बिलासपुर जिले में 74 फीसदी लोग साक्षर

14 साल पुराने आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर जिले की साक्षरता दर 74.76 प्रतिशत है। शेष लोगों को पढ़ने-लिखने में सक्षम बनाने के लिए केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत काम कर रही है। देशभर में 2030 तक सभी लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दिशा में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पूरे देश में चलाया जा रहा है।

चारों विकासखंडों में 493 परीक्षा केंद्र जिले के चारों विकासखंडों में 493 परीक्षा केंद्र बनाए गए। बिल्हा में 52, मस्तूरी में 56, तखतपुर में 63 और कोटा में सबसे अधिक 322 परीक्षा केंद्र बने। गांव के व्यक्तियों को पहले असाक्षर के रूप में चिन्हित किया गया और फिर उनका पंजीयन किया गया। इस बार राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण ने बिलासपुर जिले को 33,260 असाक्षरों को परीक्षा में शामिल करने का लक्ष्य दिया था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *