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नेहरू क्यों नहीं चाहते थे ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रगान बने: गांधी ने अल्लाहू अकबर से तुलना की; क्या इसमें मुसलमानों को मारने का आह्वान

नेहरू क्यों नहीं चाहते थे ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रगान बने:  गांधी ने अल्लाहू अकबर से तुलना की; क्या इसमें मुसलमानों को मारने का आह्वान


भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् पर आज लोकसभा में 10 घंटे की बहस हो रही है। शुरुआत पीएम मोदी के भाषण से हुई। पिछले महीने मोदी ने कहा था कि 1937 में कांग्रेस ने वंदे मातरम् के टुकड़े कर दिए थे, इसी ने भारत-पाक विभाजन के बीज बोए।

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हालांकि, वंदे मातरम् के इतिहास में बहुत कुछ छिपा है। इसके लिखे जाने, आजादी के आंदोलन का गीत बनने, मुस्लिमों के विरोध की वजह, एक हिस्सा हटाए जाने और 150 साल बाद इसकी राजनीति के पीछे की पूरी कहानी; जानेंगे मंडे मेगा स्टोरी में…

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ग्राफिक्स: अजित सिंह, द्रगचंद्र भुर्जी और अंकुर बंसल

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