कैमूर में नगर परिषद भभुआ के पूर्व सभापति विकास तिवारी उर्फ बबलू तिवारी पर धोखाधड़ी और साक्ष्य छुपाने के आरोप में नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई निर्वाचन आयोग द्वारा उन्हें पदमुक्त किए जाने के बाद हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 28 अप्रैल 2026 को विकास तिवारी को पद से हटा दिया था। उन पर निकाय चुनाव के दौरान दो से अधिक बच्चे होने की जानकारी छुपाने और झूठा शपथ पत्र दाखिल करने का आरोप था। पूर्व मुख्य पार्षद ने की थी शिकायत यह प्राथमिकी जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह के निर्देश और सरकारी अधिवक्ता की कानूनी सलाह के बाद कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय द्वारा दर्ज कराई गई है। नगर परिषद के पूर्व मुख्य पार्षद जैनेंद्र आर्य की शिकायत पर हुई जांच में ये तथ्य सही पाए गए थे। सरकारी अधिवक्ता शीलनिधि श्रीवास्तव ने बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 447 (ख) और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज करने की सलाह दी थी। थाना प्रभारी ने पुष्टि की है कि आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। इस कानूनी कार्रवाई के बाद शहर के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
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