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गुरुग्राम के ठेकों तक अवैध विदेशी शराब पहुंचने की कहानी: कस्टम ड्यूटी बचाने को समुद्री रास्ते से तस्करी; यहां ठेके सबसे महंगे, शराब सस्ती – gurugram News

गुरुग्राम के ठेकों तक अवैध विदेशी शराब पहुंचने की कहानी:  कस्टम ड्यूटी बचाने को समुद्री रास्ते से तस्करी; यहां ठेके सबसे महंगे, शराब सस्ती – gurugram News


गुरुग्राम के इसी ठेके से अवैध विदेशी शराब की 3921 पेटियां बरामद की गई हैं।

हरियाणा में गुरुग्राम के एक ठेके से 10 करोड़ की अवैध शराब मिलने के बाद वैध ठेकों पर अवैध विदेशी शराब बिक्री का खुलासा हुआ है। यह विदेशी शराब समुद्र के रास्ते मुंबई, चेन्नई और गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचती है। यहां से विदेशी शराब कंटेनर से कस्टम बांडे

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गुरुग्राम के शराब ठेकेदारों का असली खेल यहीं से शुरू होता है। ये डमी बांडेड वेयरहाउस में ट्रांसफर के नाम पर पेटियां उठाते हैं और फिर उन्हें ठेके पर पहुंचा देते हैं। इस रूट पर कस्टम ड्यूटी नहीं चुकानी पड़ती और स्टेट की एक्साइज ड्यूटी भी बच जाती है। सिग्नेचर ग्लोबल टावर के पास ‘द ठेका’ नाम की वाइन शॉप से बिना होलोग्राम और बिना ट्रैक-एंड-ट्रेस स्ट्रिप्स वाली जो 3,921 पेटियां और 176 लूज बोतलें मिली हैं, वे इसी रूट से पहुंची थीं।

बरामद शराब के लिए न तो कस्टम ड्यूटी चुकाई गई और न ही हरियाणा सरकार का अनिवार्य होलोग्राम लगा था। अवैध शराब के इस खेल में गुरुग्राम के कितने ठेकेदार सिंडिकेट में शामिल हैं, उनका पता लगाने के लिए एसीपी ईस्ट अमित भाटिया की अगुआई में विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है।

बरामद की गई शराब में जॉनी वॉकर, ब्लू लेबल, सिवास रीगल 25 ईयर, ग्लेनफिडिच 21, मैकलन 18, डोम पेरिग्नन विन्टेज जैसी सुपर-प्रीमियम ब्रांड की पेटियां 2 गुप्त कमरों में छिपाकर रखी गई थीं। एक-एक बोतल की कीमत 1500 से डेढ़ लाख रुपए तक है।

44 करोड़ का लाइसेंस, 10 करोड़ का अवैध माल सिग्नेचर टावर की लोकेशन का यह ठेका M/s सुरेंद्र के नाम पर था, जिसके लिए सरकार को 44 करोड़ रुपए की लाइसेंस फीस जमा की गई। असल मालिक अंकुश गोयल, अरुण मित्तल और सुग्रीव विश्नोई बताए जा रहे हैं। छापेमारी की भनक लगते ही तीनों फरार हो गए।

पुलिस ने थाना सेक्टर-40 में NDPS एक्ट और एक्साइज एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। यहां रोजाना 50 से 60 लाख रुपए का कारोबार होता था और ज्यादातर ग्राहक गुरुग्राम-दिल्ली के हाई-प्रोफाइल लोग थे।

दिल्ली-राजस्थान तक फैले तार प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस सिंडिकेट के तार दिल्ली, पंजाब और राजस्थान से जुड़े हैं। यह अब तक का हरियाणा का सबसे बड़ा अवैध विदेशी शराब का जखीरा है और सरकार को कस्टम व एक्साइज ड्यूटी में करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें मुख्य आरोपियों अंकुश गोयल, अरुण मित्तल और सुग्रीव विश्नोई की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापे मार रही हैं।

3 पॉइंट में समझिए गुरुग्राम शराब घोटाले का पूरा खेल

  • शराब का कानूनी रूट बाइपास: विदेशी शराब का चैनल L-1 BF (बॉटलिंग प्लांट/होलसेलर) लाइसेंस से शुरू होता है। सरकार की तरफ से हरियाणा में 6 लाइसेंस जारी किए गए हैं। ये लोग सीधे कंपनियों से शराब खरीदकर L-1 लाइसेंस धारक वेंडरों तक पहुंचाते हैं। इस रूट पर हर बोतल पर हरियाणा का होलोग्राम और ट्रैक-एंड-ट्रेस स्ट्रिप लगा दी जाती है। साथ ही पूरा कस्टम और हरियाणा सरकार की एक्साइज ड्यूटी चुकाई जाती है। घोटाले में सरकार के इस रूट को बाइपास किया जाता है।
  • कस्टम बांड का धोखा: सिंडिकेट के लोग विदेशी शराब को कस्टम बांडेड वेयरहाउस से निकालते हैं। फिर इसे बांड-टू-बांड ट्रांसफर दिखाकर कागजों में किसी डमी या फर्जी बांडेड वेयरहाउस में भेज देते हैं। इस ट्रांसफर में कस्टम ड्यूटी नहीं चुकानी पड़ती। फिर माल सीधे गुरुग्राम के ठेके पर पहुंच जाता है। इसके लिए कोई टैक्स या एक्साइज ड्यूटी नहीं चुकाई जाती।
  • इसलिए गुरुग्राम में सस्ती शराब: कांट्रेक्टर विक्रम यादव ने बताया कि अवैध तरीके से लाई गई विदेशी शराब गुरुग्राम के वैध ठेकों पर मिलती है। इसे इस तरीके से समझा जा सकता है कि रेड लेबल की एक बोतल कानूनी रास्ते से कम से कम 1800 से 2000 रुपए की होती है। लेकिन, अवैध तरीके से लाई बोतल 1200 से 1400 तक में आसानी से मिल जाती है। इस बोतल की फैक्ट्री में कीमत करीब 600 रुपए होती है। सिंडिकेट के ये ठेकेदार कम रेट पर बोतल बेचकर बाकी वैध ठेकों का बिजनेस चौपट कर देते थे।

100 करोड़ तक के ठेके जानकारों का कहना है कि गुरुग्राम में एक ठेका 100 करोड़ तक नीलाम होता है। इतनी बड़ी लाइसेंस फीस चुकाने के बाद “एक नंबर” का बिजनेस करने से साल भर में भी लागत नहीं निकलती। इसलिए ठेकेदार शुरू से ही प्लान करते हैं कि 50-60% माल अवैध रास्ते से लाएंगे, जिससे 3-4 गुना मुनाफा हो जाता है और लाइसेंस फीस एक सीजन में ही वसूल। इस नेक्सेस में ठेकेदार, कस्टम बांडेड वेयरहाउस, ड्यूटी-फ्री स्टाफ, एक्साइज विभाग के अधिकारी शामिल होते हैं।

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गुरुग्राम में अवैध विदेशी शराब के कारोबार का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिग्नेचर ग्लोबल टावर के पास ‘दी ठेका’ नाम से चल रही शराब की दुकान पर पुलिस और एक्साइज विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। यहां इम्पोर्टेड शराब की करीब 42 हजार बोतलें बरामद की गईं, जिनका बाजार मूल्य लगभग 10 करोड़ रुपए आंका जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…



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