लोकसभा में NRI के लिए ई-वोटिंग के हक की मांग उठाते कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल ने देश में वोट चोरी को लेकर चल रहे हंगामे के बीच लोकसभा में नॉन-रेजिडेंट इंडियन (NRI) के लिए ई-वोटिंग या ऑनलाइन वोटिंग के हक की मांग उठाई। जिंदल ने मांग रखी कि NRI को वोटिंग के दिन से एक सप्ताह पहले अपना व
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जिंदल ने लोकसभा में कहा कि अब समय आ गया है कि भारत में मतदान को और ज्यादा सरल और सभी के लिए सुलभ बनाया जाए। हम अक्सर Ease of Living (सरल जीवन) और Ease of Doing Business (सरल व्यवसाय) की चर्चा करते हैं, लेकिन अब देश को Ease of Voting (सरल वोटिंग) को भी प्राथमिकता बनाना चाहिए।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश- सांसद
डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोग NRI
जिंदल ने कहा कि 1.5 करोड़ से ज्यादा भारतीय विदेशों में रहते हैं। इनमें लोग केवल इसलिए मतदान नहीं कर पाते, क्योंकि वे मतदान के दिन भारत नहीं आ सकते। यह स्थिति उन लोगों के लिए भी कठिन है जो देश के भीतर ही कामकाज के कारण अपने शहर से दूर रहते हैं।
वोटिंग को बनाया जाए सरल
सांसद जिंदल ने कहा कि भारत डिजिटल टेक्नोलॉजी में किसी देश से पीछे नहीं है। हम हर दिन UPI जैसी टेक्नोलॉजी से करोड़ों रुपए की ट्रांजैक्शंस करते हैं। मजबूत साइबर सुरक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए हम वोटिंग जैसी महत्वपूर्ण काम को तकनीक के जरिए और ज्यादा सरल बना सकते हैं।

सांसद बोले- सेफ तकनीक का किया जाए इस्तेमाल।
कई देशों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की सुविधा उन्होंने कहा कि फ्रांस, स्विट्जरलैंड और मेक्सिको जैसे कई देश पहले ही अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित रिमोट या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की व्यवस्था लागू कर चुके हैं। हमें भी ऑनलाइन या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की व्यवस्था का लागू करना चाहिए।
NRI के साथ कई ग्रुप को मिलेगी राहत
जिंदल ने कहा कि सुरक्षित ऐब-सेंटी या ई-वोटिंग व्यवस्था वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, प्रवासी मजदूरों और उन सभी लोगों के लिए बड़ी राहत देगी जिन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई होती है। देश में अक्सर 65 प्रतिशत के आसपास वोटिंग होती है। इस तकनीक से वोटिंग काफी बढ़ सकती है।

NRI वोटिंग के एक सप्ताह पहले डाल सकें वोट- जिंदल।
पहले मिले वोटिंग का हक
उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग से दुनिया में ई-वोटिंग या ऑनलाइन वोटिंग तकनीक काे स्टडी करके सुरक्षित और भरोसेमंद व्यवस्था तैयार की जाए। जिससे प्रवासी भारतीय और अन्य पात्र वोटिंग के दिन से कम से कम एक सप्ताह पहले अपना वोट डाल सकें।
भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश
जिंदल ने कहा कि दुनिया में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। लोकतंत्र का असली उत्सव तभी पूरा होगा, जब हर भारतीय चाहे वह देश में हो या विदेश में अपनी सरकार चुनने में भागीदारी कर सके। वोट केवल एक निशान नहीं बल्कि नागरिक की पहचान और शक्ति है। तकनीक के जरिए इसे और सक्षम बनाया जाना चाहिए।
