हरियाणा में चार दिनों तक डॉक्टरों की हड़ताल चली।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) की एश्योर्ड करियर प्रमोशन (ACP) में संशोधन की मांग पर विचार कर रही सरकार ने फिलहाल बीच का रास्ता निकाला है। डाक्टरों को आयुष्मान इंसेंटिव दिया जाएगा, इसके लिए जल्द कमेटी गठित की जाएगी।
.
कमेटी में सरकारी अधिकारियों के साथ एसोसिएशन का एक पदाधिकारी भी होगा। सरकार की ओर से इसको लेकर लिखित आश्वासन देने के बाद डाक्टरों ने गुरुवार देर रात को हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। आज से सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू हो जाएंगी।
सरकार द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्ति की घोषणा की।
स्वास्थ्य मंत्री के साथ 2.5 घंटे चली मीटिंग स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ डाक्टरों की ढाई घंटे चली बैठक में पहले तो काफी देर तक एश्योर्ड करियर प्रमोशन पर पेंच फंसा रहा। एसोसिएशन के राज्य प्रधान डा. राजेश ख्यालिया ने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (SMO) की सीधी भर्ती रोकने पर सरकार सहमत है, पर एसीपी पर भी स्थिति स्पष्ट की जाए। एसीपी की मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
इन चार मुद्दों पर बनी सहमति…
- एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने के लिए संशोधन होगा : एसएमओ की सीधी भर्ती को रोकने के लिए सेवा नियमों में संशोधन के संबंध में माननीय सीपीएस टू सीएम द्वारा 5 दिसंबर को हुई बैठक में लिया निर्णय, अन्य राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद उचित अवधि के भीतर लागू किया जाएगा।
- आयुष्मान प्रोत्साहन योजना शुरू होगी : आयुष्मान भारत के अंतर्गत प्रोत्साहन योजना शुरू करने पर सहमति बनी। इसकी रूपरेखा एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें एचसीएमएस एसोसिएशन का एक सदस्य भी होगा। समिति अन्य राज्य सरकारों की प्रोत्साहन योजनाओं और एनएचए द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों की जांच करेगी। एक महीने में सरकार को प्रस्ताव देगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती का मुद्दा उठाया : डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें समयबद्ध अवधि में एसीपी नहीं मिल पाता। इस पर सहमति बनी कि यदि सरकार नई भर्ती चिकित्सा अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात नहीं करती है, तो शहरी स्वास्थ्य सुविधा में तैनाती के कारण उन्हें प्रथम एसीपी मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी। हुए
- हड़ताल अवधि का वेतन मिलेगा : डॉक्टरों की अनुपस्थिति को देय अवकाश माना जाएगा, बशर्ते कि एचसीएमएस एसोसिएशन भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित नहीं करेगा।
यहां पढ़िए मीटिंग के कुछ अहम बातें… डॉक्टरों की चार दिन लंबी हड़ताल का असल टकराव सिर्फ एक मांग एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) में बदलाव पर अटका था। जब सरकार ने इसे मानने से इनकार किया, तभी हड़ताल शुरू हुई। वार्ता की मेज पर एक दिलचस्प मोड़ आया कि एसीपी नहीं तो क्या? डॉक्टरों को आयुष्मान भारत योजना के तहत इंसेंटिव दिए जाएंगे। यानी एसीपी का ढांचा भले जस का तस रहे, लेकिन आर्थिक लाभ बढ़ाने का विकल्प खोल दिया गया।
वार्ता में मंत्री आरती राव ने आश्वासन तो दे दिया था, मगर डॉक्टरों ने साफ कहा, बिना लिखित भरोसे वापस नहीं लौटेंगे। यही वजह रही कि रात साढ़े आठ बजे मंत्री को खुद सीएम आवास जाना पड़ा। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा के बाद लिखित सहमति तैयार हुई। कागज पर मुहर लगते ही डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म की घोषणा कर दी।
