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बिल्ली को बचाने लिए पांच दिन जूझती रही युवती: निगम कर्मियों ने एक घंटे में किया रेसेक्यू, अब इलाज के बाद एरिया में ही छोड़ा जाएगा – Chandigarh News

बिल्ली को बचाने लिए पांच दिन जूझती रही युवती:  निगम कर्मियों ने एक घंटे में किया रेसेक्यू, अब इलाज के बाद एरिया में ही छोड़ा जाएगा – Chandigarh News

चंडीगढ़ में बिल्ली के बच्चे को रेसेक्यू करके ले जाते हुए नगर निगम के कर्मचारी।

शहर के सेक्टर 40D एरिया में बिल्ली का बच्चा पांच दिन तक सर्दी के बीच छत के छज्जे में फंस गया। इस बेजुबान की चीख पुकार के बाद आवाज तक बंद हो गई थी। यहां की महिला मानसी ने उसे बचाने के लिए पांच दिन तक मेहनत की। उसने नगर निगम से लेकर मंकी केचर्स की मिन्

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मैने तीन दिन तक उसे बचाने के लिए नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर फोन किए तो वह आगे नंबर दे रहे थे। हमें शहर में पशु पकड़ने वाले मंकी केर्च्स का भी नंबर दिया गया था, मगर उन्होंने बिल्ली को रेसक्यू करने से मना कर दिया।

अब दोपहर करीबन एक बजे नगर निगम के मुलाजिम खुद ही यहां पहुंच गए थे। उनकी तरफ से बड़ी सीढ़ी लगाकर उसे नीचे उतारा गया और उसे जाल में फंसाकर अपने साथ ले गए हैं। अब उसका प्राथमिक इलाज किया जाएगा और इसके बाद उसे इसी एरिया में छोड़ दिया जाएगा। क्योंकि इलाके के लोग उसे यहां से जाने नहीं देना चाहते हैं। इतने लोगों को देख डर गया था बच्चा इधर उधर भागा नगर निगम के कर्मचारी जैसे ही उसे बचाने के लिए एरिया में पहुंचे तो छज्जे से उतारने के बाद बच्चा डर गया और इधर उधर भागने लगा था। वह एक जगह पड़े सामान में छिप गया और उसे वहां से निकालने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी और बाद में उसे नेट में बांधा गया। एनीमल लवर्स होने की चंडीगढ़ियों ने पेश की मिसाल ट्राईसिटी के लोग एनीमल लवर माने जाते हैं, चंडीगढ़ के आस पास के एरिया में अकसर जंगली जानवर आते हैं और लोग उनका ध्यान भी रखते हैं। चंडीगढ़ सेक्टर 40 की घटना के बाद लोगों ने एनीमल लवर होने की मिसाल पेश की है। युवती का कहना है कि बिल्ली के बच्चे के रोने की वजह से हमारे एरिया के लोग भी मायूस हो गए थे और आज उसके ठीक होने पर सभी खुश नजर आ रहे थे, अब जब वह हमारे एरिया में दोबारा आएगा तो हम उसका अच्छे से ख्याल रखेंगे।



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