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मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का विरोध: 141वें स्थापना दिवस पर नेताओं ने सरकार को घेरा – Kanker News

मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का विरोध:  141वें स्थापना दिवस पर नेताओं ने सरकार को घेरा – Kanker News


कांकेर जिले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 141वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिले के सभी ब्लॉकों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। चारामा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का ना

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चारामा में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने महात्मा गांधी के चित्र पर पूजा-अर्चना की, राष्ट्रीय गीत गाया और कांग्रेस का झंडा फहराया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व गौ सेवा आयोग के सदस्य ने कांग्रेस पार्टी के गठन, उसके इतिहास और देश के स्वतंत्रता संग्राम में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने महात्मा गांधी के जीवन, विचारधारा और उनके योगदान के बारे में भी विस्तार से बताया।

भाजपा पर मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का आरोप

ठाकुर राम कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी का 141वां स्थापना दिवस देश के हर कोने में मनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी का नाम हटाने का प्रयास कर रही है। कश्यप ने मनरेगा को एक जनकल्याणकारी योजना बताते हुए सवाल किया कि इसका नाम बदलकर भाजपा क्या संदेश देना चाहती है?

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया, ऐसे में उनका नाम मिटाने का प्रयास उचित नहीं है। कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के ज्वलंत मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।

वहीं, कांग्रेस नेता विजय ठाकुर ने अपने उद्बोधन में देश की आजादी में कांग्रेस पार्टी की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने मनरेगा को कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई गरीब और ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण योजना बताया।

ठाकुर ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना भाजपा की नीतियों पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आदिवासी समाज से आने का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा आदिवासी हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 112 देशों में महात्मा गांधी की प्रतिमाएं स्थापित हैं, ऐसे में उनके नाम और पहचान से छेड़छाड़ का कोई औचित्य नहीं है।



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