कोडरमा में 13 दिसंबर से लापता 3 वर्षीय बच्चे का शव क्षत-विक्षत हालत में मंगलवार को बरामद किया गया। घटना जयनगर थाना क्षेत्र के इरगोबाद गांव की है।
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शव गांव के पास नदी के किनारे मिला। सूचना मिलते ही देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ वहां जुट गई।
माता-पिता का इकलौता पुत्र था
मृतक की पहचान शमशेर आलम के पुत्र सैफ अली के रूप में की गई। सैफ अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। परिजनों के अनुसार, बच्चे की मां रजिया खातून सैफ के साथ घर के कुछ ही दूर लकड़ी लाने गई थी। इसी बीच वो सैफ का हाथ छोड़ फोन पर बात करते हुए घर पहुंच गई। इसी बीच सैफ लापता हो गया।
घटनास्थल पर जुटी लोगों की भीड़।
परिजनों ने जयनगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी
बच्चे की खलिहान में रखे पुआल में भी काफी खोजबीन की गई पर उसका कुछ पता नहीं चल पाया। ग्रामीणों ने भी आसपास क्षेत्र में रात भर काफी खोजबीन की परंतु सैफ अली का कोई अता-पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने जयनगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसपी अनुदीप सिंह ने मुख्यालय डीएसपी रतिभान सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर बच्चे की तलाश शुरू की थी। मंगलवार को इरगोबाद की कुछ महिलाएं गांव से सटे नदी किनारे लकड़ियां चुनने गई थीं। उन्हें वहां एक बच्चे की क्षत-विक्षत खोपड़ी दिखाई दी।

रोते-बिलखते सैफ के पिता।
खोपड़ी के पास मिले कपड़ों से परिजनों ने सैफ की पहचान की
महिलाओं ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण और सैफ अली के परिजन मौके पर पहुंचे। खोपड़ी के पास मिले कपड़ों से परिजनों ने सैफ की पहचान की। मृतक के पिता शमशेर आलम ने बताया कि घटनास्थल पर उन्हें वही कपड़े मिले, जो उनका बच्चा 13 दिसंबर को लापता होने के समय पहने हुए था।
उन्होंने यह भी बताया कि ये कपड़े उन्होंने सैफ के गायब होने से कुछ दिन पहले ही ऑनलाइन मंगवाए थे। इधर, घटना की सूचना मिलते ही जयनगर थाना प्रभारी उमानाथ सिंह भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल में जुट गए। पुलिस अब आगे की कार्रवाई कर रही है।
एक स्पेशल टीम को मौके पर भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है। परिजनों द्वारा इसे सैफ का ही शव होने का दावा किया जा रहा है। मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार शव को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि किसी जंगली जानवर द्वारा उसकी यह हालत की गई है। वहीं, पुलिस हत्या के बिंदुओं पर भी मामले की जांच कर रही है। -अनुदीप सिंह, एसपी, कोडरमा

