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फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम वर्ष 2026 के अंतर्गत सोमवार को सदर अस्पताल में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला मलेरिया पदाधिकारी आरपी दास ने की। प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा संबंधित अधिकारियों व कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मॉनिटर डॉ. शाकिब ने प्रस्तुति के माध्यम से फाइलेरिया उन्मूलन से जुड़ी रणनीतियों, दवा वितरण, निगरानी प्रणाली एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया पर जानकारी दी। उन्होंने अभियान की सफलता के लिए सभी स्तरों पर समन्वय और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। वाहक जनित रोग परामर्शदाता इंद्रदेव कुमार तथा वित्तीय व लॉजिस्टिक लेखा प्रभारी पंकज कुमार भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक, मलेरिया तकनीकी पर्यवेक्षक एवं लेखा कर्मियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान पिरामल फाउंडेशन की टीम ने हैंडहोल्ड सहयोग िदया। टीम के सदस्य अनिल कुमार, सौरभ कुमार, सुनील साव एवं राघवेंद्र कुमार ने प्रशिक्षण प्रक्रिया के दौरान तकनीकी एवं कार्यान्वयन संबंधी सहयोग किया।प्रशिक्षण में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु जन-जागरूकता गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। विद्यालयों, पंचायतों, युवाओं एवं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने, दवा सेवन से इनकार करने वाले लोगों को समझाने की रणनीति तथा पंचायत स्तर पर फाइलेरिया उन्मूलन मिशन टीम के गठन पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए समन्वित, सतत व प्रभावी प्रयासों को और सुदृढ़ करना रहा।
