बलौदाबाजार वनमंडल में अखिल भारतीय बाघ आकलन 2026 का सर्वे कार्य मंगलवार से शुरू हो गया है। यह सर्वेक्षण 13 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक सभी परिक्षेत्रों में वैज्ञानिक पद्धतियों के अनुसार संचालित किया जाएगा।
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इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य बाघों और अन्य प्रमुख वन्यजीव प्रजातियों की उपस्थिति, उनके आवासीय संकेतों तथा जैव विविधता से संबंधित आंकड़ों का व्यवस्थित और वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना है। इसका लक्ष्य भविष्य में वन्यजीव संरक्षण, प्रबंधन रणनीतियों और दीर्घकालिक संरक्षण योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
सर्वे में वनमंडल और विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक सक्रिय रूप से शामिल
सर्वे कार्य में बलौदाबाजार वनमंडल के समस्त परिक्षेत्र अधिकारी, प्रशिक्षु एसीएफ, प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल, वनकर्मी और फील्ड स्टाफ सक्रिय रूप से शामिल हैं। सर्वे की गुणवत्ता और व्यापकता को मजबूत करने के लिए गुरुघासी दास विश्वविद्यालय, बिलासपुर और शासकीय महाविद्यालय, लवन से जुड़े स्वयंसेवक भी इसमें सहभागिता कर रहे हैं।

ट्रांजैक्ट रूट और डेटा संग्रहण से तैयार होंगे सटीक वन्यजीव आंकड़े
सर्वेक्षण के दौरान निर्धारित ट्रांजैक्ट रूट, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संकेतों के आधार पर रिकॉर्डिंग, डेटा संग्रहण, मैपिंग और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे क्षेत्रवार सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकेंगे, जो वन्यजीव संरक्षण को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ अभ्यारण्य और वन क्षेत्रों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे।
