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चंडीगढ़ में गायों के शव मिलने पर हंगामा: तीन दिन से नहीं हो सका संस्कार, मेयर ने दिए जांच के आदेश, बोले- होगी सख्त कार्रवाई – Chandigarh News

चंडीगढ़ में गायों के शव मिलने पर हंगामा:  तीन दिन से नहीं हो सका संस्कार, मेयर ने दिए जांच के आदेश, बोले- होगी सख्त कार्रवाई – Chandigarh News


चंडीगढ़ की मक्खन माजरा गोशाला के पास बने कारकस प्लांट में पड़े मृतक गाय के शव।

चंढीगढ़ के मक्खन माजरा इलाके में स्थित एनिमल कारक इनसिनरेशन प्लांट के बरामदे में 45 गायों के शव मिलने से हंगामा हो गया है। नगर निगम का कारकस निस्तारण प्लांट लंबे समय से बंद पड़ा है, जिसके चलते मृत गायों का समय पर संस्कार नहीं हो सका।

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इस घटना को लेकर शहर के समाजसेवियों और गोरक्षकों में भारी रोष है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी गायों की मृत्यु कैसे हुई और कहां हुई।

मृतक गाय के बछड़े जमीन पर रखकर प्रदर्शन करते डिप्टी मेयर तरुणा मेहता व अन्य।

सोशल मीडिया वीडियो से भड़का मामला

दरअसल, एक इंटरनेट इन्फ्लुएंसर ने मृत गायों की वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड की थी, जिसमें गायों के शव जमीन पर पड़े दिखाए गए। यह वीडियो सोशल मीडिया ग्रुपों में तेजी से वायरल हो गई। इसके बाद समाजसेवियों ने कड़ी आपत्ति जताई।

वीडियो सामने आने के बाद कई समाजसेवी कारकस प्लांट पहुंचे। वहां पता चला कि पिछले तीन दिनों में अलग-अलग जगहों से मृत गायों को यहां संस्कार के लिए लाया गया था, लेकिन मशीन खराब होने के कारण उनका निपटारा नहीं हो सका।

कर्मचारियों के पास न साधन, न जगह

प्लांट पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि मृत पशुओं को दफनाने के लिए न तो पर्याप्त नमक उपलब्ध था और न ही जगह। विरोध बढ़ने के बाद नगर निगम अधिकारियों ने मौके पर नमक भिजवाया, ताकि शवों को अस्थायी रूप से दफनाया जा सके।

शहर के समाज सेवी बिसल बलौर, राज चड्ढा और राहुल महाजन ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पावन दिन पर इस तरह की लापरवाही बेहद निंदनीय है। उन्होंने मांग की कि नगर निगम यह जांच कराए कि ये गाय कहां से आईं और उनकी मौत कैसे हुई।

चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए युवा।

चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए युवा।

गोशाला में मौत की आशंका, रजिस्टर गायब

समाजसेवियों का आरोप है कि संभवतः ये गाय मक्खन माजरा की गोशाला में ही मरी हैं, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए जरूरी रजिस्टर कारकस प्लांट से गायब है। प्लांट पर काम कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि देर रात कुछ लोग आए थे, जिन्होंने खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताया और मृत पशुओं का रजिस्टर अपने साथ ले गए। हालांकि इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को कोई लिखित सूचना नहीं दी गई।

जांच होगी, दोषी नहीं बचेंगे : मेयर

मेयर हरप्रीत कौर बबला ने कह कि, मुझे जानकारी मिली है कि कुछ गाय मक्खन माजरा-रायपुर गेशाला में मरी पड़ी थीं। जब एमओएच विभाग से जानकारी ली गई तो बताया गया कि अलग-अलग गांवों से मृत गायों को यहां लाया गया है, जिनका संस्कार किया जाता है।

मशीन खराब होने के कारण इन्हें दफनाने की तैयारी की जा रही थी। अगर जांच में यह सामने आता है कि गायों की मौत यहीं हुई है या किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई है, तो जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी चाहे कितने भी बड़े पद पर हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।



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