सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह से जुड़े एक पुराने मामले की सुनवाई शुक्रवार को टल गई। यह कार्यवाही प्रशासनिक कारणों से स्थगित की गई है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 फरवरी की तारीख तय की है। अधिवक्ता मदन सिंह ने मीडिया को यह जानकारी दी। अदालती कार्यवाही स्थगित होने का मुख्य कारण एमपी-एमएलए जज का अवकाश पर होना था। जज बार काउंसिल चुनाव में ड्यूटी पर थे, जिसके चलते शुक्रवार को कोई सुनवाई नहीं हो सकी। यह मामला बंधुआ कला क्षेत्र में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित है। मुकदमा वर्तमान में साक्ष्य दर्ज करने के चरण में है। यह घटना 13 अप्रैल 2021 की है। आरोप है कि पंचायत चुनाव के दौरान बंधुआकलां थाने के हसनपुर गांव में बिना अनुमति के एक सभा आयोजित की गई थी। यह सभा जिला पंचायत सदस्य सलमा बेगम के समर्थन में हुई थी। पुलिस ने इस संबंध में संजय सिंह सहित 12 नामजद और 45 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के बाद मकसूद अंसारी, सलीम अंसारी और जगदीश यादव सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में अन्य आरोपियों ने पहले ही जमानत प्राप्त कर ली थी। संजय सिंह के लगातार गैरहाजिर रहने के कारण कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। जुलाई 2024 में उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें 20 हजार रुपए के दो जमानत मुचलके और निजी मुचलका दाखिल करने पर रिहा किया गया था। जून में विशेष कोर्ट ने इन आरोपियों के अधिवक्ता की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी। अदालत ने आरोप पत्र स्वीकार करते हुए आरोप तय किए थे। अधिवक्ता मदन सिंह ने बताया कि इस मामले में साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी और वादी मुकदमा के साथी तथा तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर अजय पाल की गवाही भी हुई थी।
Source link
