लखीमपुर खीरी के भीरा थाना क्षेत्र के पकरिया सल्लिहा गांव में मंगलवार सुबह एक कच्ची दीवार गिरने से 22 वर्षीय सरजीत गौतम की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में सरजीत की मां मीना देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। सरजीत की कुछ ही दिनों बाद शादी होने वाली थी। यह घटना मंगलवार सुबह उस समय हुई जब सरजीत अपनी मां मीना देवी के साथ घर के पास बनी कच्ची दीवार के किनारे बैठे थे। परिवार के मुखिया बनवारी उस समय पड़रिया तुला कस्बा के बाजार गए हुए थे। अचानक जर्जर दीवार भरभराकर मां-बेटे पर गिर गई, जिससे वे मलबे के नीचे दब गए। पड़ोसियों ने आवाज सुनकर तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। ग्रामीणों के प्रयासों के बावजूद सरजीत गौतम की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल मीना देवी को 108 एम्बुलेंस से बिजुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। घर का इकलौता कमाऊ पूत था घटना की सूचना मिलते ही भीरा थाना प्रभारी रोहित दुबे और बिजुआ चौकी इंचार्ज रमेश सिंह सेंगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सरजीत के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। परिजनों ने बताया कि सरजीत गौतम परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी शादी फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के बड़ागांव में तय हुई थी। 25 फरवरी को तिलक और 26 फरवरी को विवाह होना था। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, जिसमें रंगाई-पुताई, साफ-सफाई और रिश्तेदारों के आगमन की व्यवस्थाएं शामिल थीं। मां मीना देवी बेटे के लिए नए कपड़े और गृहस्थी के सामान की खरीदारी की योजना बना रही थीं। गलियों में छाया सन्नाटा बेटे की मौत से पिता बनवारी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव की गलियों में सन्नाटा है और हर आंख नम है। जिस आंगन में कुछ दिन बाद मंगल गीत गूंजने थे, वहां अब मातम पसरा है। यह हादसा जर्जर कच्चे मकानों और बरसात व सर्दी के मौसम में उनकी बढ़ती खतरे की याद दिलाता है।
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