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भिवानी में अंडरपास बना लोगों के लिए परेशानी: जलभराव से पांच गांवों के लिए आना-जाना दूभर, बोले- हादसों का डर, अब आंदोलन की चेतावनी – Bhiwani News

भिवानी में अंडरपास बना लोगों के लिए परेशानी:  जलभराव से पांच गांवों के लिए आना-जाना दूभर, बोले- हादसों का डर, अब आंदोलन की चेतावनी – Bhiwani News

भिवानी के गांव जाटू लोहारी स्थित रेलवे अंडर पास लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। स्थिति यह है कि गांव के अंदर दो रेलवे अंडर पास हैं, लेकिन एक से भी लोग गुजर नहीं सकते। लोगों का कहना है कि अंडर पास में 3-4 फीट तक पानी भरा हुआ है। जिसके चलते इन अंडर पास का प्रयोग वे नहीं करते। इसके लिए वे कई बार अधिकारियों से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि इन अंडर पास में पानी भरने के कारण मुख्यत: पांच गांवों जाटू लोहारी, सुई, बलियाली, सुमड़ाखेड़ा व बापोड़ा आदि के लोगों को इधर-उधर जाने में दिक्कत होती है। समाधान नहीं होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी
साथ ही लाइन पार पड़ने वाले खेतों के मालिक किसानों को भी आफत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब भिवानी-बवानीखेड़ा रेलवे लाइन को डबल करने (दोहरीकरण) का काम चल रहा है। इसके बाद उनका तो गुजरना भी मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में उन्होंने मांग की कि या तो पानी निकासी का उचित प्रबंध किया जाए या फिर यहां फिर से फाटक बनाई जाए। ग्रामीण राजेंद्र, कृष्ण, लवकुश, मदन, सतबीर ने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे पहली फरवरी को बवानीखेड़ा तहसील में धरना देंगे। फिर भी समाधान नहीं हुआ तो वे रेलवे लाइनों के पास अनिश्चितकालीन धरना देने पर मजबूर होंगे। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने कहा कि लोगों को यहां से गुजरने (आने-जाने) में दिक्कत आती है। जिस वजह से किसान अपने खेतों में भी नहीं जा पा रहे है। समस्या को लेकर ग्रामीणों व पंचायत ने रेलवे के एडीईएनआर व डीआरएम बीकानेर से समाधान के लिए गुहार लगाई है। लेकिन समस्या जस की तस है। हालात ये बने है कि किसानों ने इन अंडर पास से अपने ट्रैक्टर व बैलगाड़ी लानी बंद कर दी। जब यहां से वाहन गुजरते हैं तो हादसों का डर लगा रहता है। अब वे पैदल ही जैसे तैसे रेल की लाइनों को पार कर खेतों में पहुंच रहे है। 10 साल से बनी समस्या
ग्रामीणों ने कहा कि रेलवे के गेट संख्या 60सी व 62 के नीचे बने अंडर पास में करीब तीन से चार फुट तक चौवा (भूमिगत जल) ऊपर होने के कारण पानी जमा है। इससे कई गांवों का आपस में लिंक टूट गया है। इन दोनों अंडर पास से करीब एक दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन के साथ रोजाना किसान अपने खेतों में पहुंचते है। ग्रामीणों ने कहा कि ये अंडर पास वर्ष करीब 2015 में बनाए गए थे। तभी से यह समस्या बनी हुई है। पूरे वर्ष लगभग इन अंडर पास में पानी भरा रहता है। शिकायत करने के बाद भी पानी की निकासी नहीं हो रही। बारिश के दिनों में बढ़ जाती है समस्या
ग्रामीणों ने कहा कि गांव लोहारी जाटू से सूई बापोड़ा को जोड़ने वाले रास्ते पर रेलवे ने अंडर पास बनाया हुआ है। यहां पर पहले रेलवे फाटक थी, जिसको बंद कर दिया। वर्ष 2015 में इस रास्ते पर रेलवे ने अंडर पास बनाया था। उसी दिन से इस अंडर पास में भूमिगत चौवे की समस्या बनी है। बारिश के वक्त में यहां पर पानी ज्यादा जमा हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए डीसी, विधायक, सांसद, रेलवे के एडीईएनआर व बीकानेर डिवीजन के डीआरएम को शिकायत भेजी गई है। उनको शिकायत भेजकर अंडर पास में जमा होने वाले पानी का स्थायी समाधान या फिर पहले की तरह ओपन फाटक स्थापित करवाने की मांग की गई।



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