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श्रीनगर8 मिनट पहले
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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास रविवार शाम को पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते देखे गए हैं। इसके बाद सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने एंटी ड्रोन सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया।
सेना के सूत्रों के मुताबिक, यह ड्रोन नियमित निगरानी के दौरान नजर आया। 20 जनवरी को भी कठुआ में ही बॉर्डर के पास ड्रोन देखे गए थे। पिछले 15 दिनों में बॉर्डर के पास 6 बार ड्रोन देखे जा चुके हैं।
इससे पहले 17 जनवरी की शाम को लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) से सटे रामगढ़ सेक्टर में भी ड्रोन देखा गया था। सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद ड्रोन पाकिस्तान की ओर लौट गया था।
वहीं 15 जनवरी को भी रामगढ़ सेक्टर में एक बार, 13 जनवरी को राजौरी जिले में दो बार और 11 जनवरी को नौशेरा सेक्टर, धरमसाल सेक्टर, रियासी, सांबा और पुंछ के मंकोट सेक्टर में एकसाथ पांच ड्रोन स्पॉट किए गए थे।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए LoC पर निगरानी और चौकसी और बढ़ा दी गई है। सेना और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। ड्रोन से जुड़ी और जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

11 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ में 5 ड्रोन देखे गए थे।
पहली बार 11 जनवरी को 5 ड्रोन दिखे थे
सबसे पहले 11 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ में पाकिस्तान से लगी सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास रविवार शाम करीब 5 ड्रोन दिखाई दिए थे।
न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक राजौरी में नौशेरा सेक्टर में तैनात जवानों ने शाम करीब 6.35 बजे गनिया-कलसियां गांव के ऊपर ड्रोन देखा। इसके बाद मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की।
राजौरी के तेरियाथ के खब्बर गांव में शाम 6.35 बजे एक और ड्रोन देखा गया। यह ड्रोन कलाकोट के धर्मसाल गांव की तरफ से आया और आगे भरख की ओर बढ़ गया।
वहीं, सांबा के रामगढ़ सेक्टर में चक बबरल गांव के ऊपर शाम करीब 7.15 बजे ड्रोन जैसी चीज कुछ मिनट तक मंडराती दिखी। पुंछ में भी मनकोट सेक्टर में शाम 6.25 बजे तैन से टोपा की ओर ड्रोन जैसी एक और चीज जाती हुई देखी गई।
इससे पहले 9 जनवरी को सांबा में IB के पास घगवाल के पालूरा गांव में हथियार की खेप मिली थी, जिसे पाकिस्तान से आए ड्रोन ने गिराया था। इसमें 2 पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था।

सांबा में IB के पास 9 जनवरी को ड्रोन से हथियार पीले टेप में लपेटकर गिराए गए थे।
सुरक्षा बलों को शक- पाकिस्तान ड्रोन के जरिए हथियार भेज रहा
देश में गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इन ड्रोन्स का इस्तेमाल सीमा पर सेना की पोजिशन जानने या फिर आतंकियों के लिए हथियार और नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जा रहा है।
7 मई 2025ः भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया
सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के 8 महीने बाद ड्रोन पर अटैक किया। ऑपरेशन सिंदूर भारत का सैन्य अभियान था जो 7 मई 2025 को चलाया गया, जिसमें पाकिस्तानी और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक्स की गईं। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था।
यह अभियान 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। लगभग 25 मिनट के अंदर पाकिस्तान में बहावलपुर, मुरीदके जैसे जैश और लश्कर के 9 ठिकानों को स्ट्राइक करके ध्वस्त किया गया था।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को ही कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। पाकिस्तान अगर आतंकी हमले या घुसपैठ की कोशिश भी करेगा तो भारत जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ लड़ने का एक खतरनाक और सस्ता युद्ध मॉडल अपनाया है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की तरफ से 800 से ज्यादा ड्रोन भारतीय हवाई सीमा में भेजे गए। इसे लो लेवल ड्रोन वारफेयर (कम ऊंचाई पर ड्रोन युद्ध) कहा जाता है। पूरी खबर पढ़ें…
