अशोकनगर कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर बुधवार को जय आदिवासी संगठन (JAYS) के बैनर तले आदिवासी समाज के लोगों ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान दर्जनों महिला-पुरुषों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम 16 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें 5 जनवरी को हुई छेड़छाड़ की घटना में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए और समाज के उत्थान के लिए कई अहम मांगें रखी गईं। ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा 5 जनवरी को ग्राम ककरुआ में एक आदिवासी युवती के साथ हुई कथित छेड़छाड़ का उठाया गया। संगठन का आरोप है कि शाढौरा थाने में पीड़िता की शिकायत पर अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। इसके विपरीत, पुलिस ने आरोपी से पैसे लेकर पीड़िता के खिलाफ ही झूठी एफआईआर दर्ज कर ली। संगठन ने संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित करने, पीड़िता की शिकायत पर अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज करने और आरोपी को जेल भेजने की मांग की है।
पुलिस जबरन कराती है समझौता संगठन ने आरोप लगाया कि जिले के विभिन्न थानों में आदिवासियों की एफआईआर समय पर दर्ज नहीं की जाती, जिससे आरोपियों को संरक्षण मिलता है। पुलिस पर जबरन समझौता कराने और फर्जी शिकायतें दर्ज करने का भी आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे आदिवासियों पर अत्याचार को बढ़ावा देने वाला रवैया बताया। चंदेरी सीट रिजर्व हो, बैकलॉग पद भरे जाएं आदिवासी समाज ने शिक्षा, आवास और सम्मान से जुड़ी ये मांगें भी रखीं
Source link
