अलवर के नौगावां के आलमपुर के ग्रामीणों को शुक्रवार को अवैध रूप से पहाड़ों में ब्लास्टिंग करने वाले ही धमकाने आ गए। एक दिन पहले गुरुवार को ग्रामीणों ने अलवर पहुंचकर कलेक्टर को शिकायत दी थी कि पहाड़ में दिन रात ब्लास्टिंग होती है जिससे उनके घरों में दरारें आ चुकी हैं। कभी भी बड़ी जन हानि हो सकती है। इसके बाद गांव में पहुंचे युवकों को कुछ लोगों ने घेर लिया। उनका यह भी आरोप है कि गांव वालों को अलवर शिकायत करने पर धमकाया गया है। बाद में प्रशासन के अधिकारी गांव में पहुंचे हैं। दोनों पक्षों को तहसील में बुलाया गया। नौगावां के आलमपुरा के नरेंद्र सिंह सहित ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे श्मशान के पास युवक क्रिकेट खेल रहे थे। तब इकबाल वैगरह कुछ लोग आए। आते ही धमकाने लगे कि अलवर शिकायत करने क्यों गए। इसके बाद युवक व खनन करने वालों के बीच बहस हुई। माहौल बिगड़ने लगा तब पुलिस को शिकायत की। उसके बाद पुलिस पहुंची। नरेंद्र सिंह ने बताया कि यहां 2012 से अवैध खनन है। अब प्रदूषण अधिक हो चुका है। तेज ब्लास्टिंग से घरों के दरारें आ गई। कुछ घर गिराऊ हो गए। धमक तेज आती है। श्ववांस लेने में दिक्कत आती है। ब्लास्टिंग दोपहर में करते हैं। ये सब आलमपुर गांव से 500 मीटर दूर हो रहा है।प्रशासन के अधिकारी मौके पर जांच कर गए हैं। लीज के नाम पर खनन करने वालों के कागजों की जांच कर की है। बाद में दोनों पक्ष के लोगों को तहसील में बुलाया गया। नक्शे में हेरफेर का आरोप भी ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आबादी क्षेत्र के खसरा नंबर 77 को गलत तरीके से 92 दिखाया गया है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। उनका कहना है कि अधिकारियों ने अवैध खनन कर्ताओं से मिलकर नक्शे में हेरफेर की है।
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